आला पुलिस अफसरों को अंदेशा है कि आतंकी व अपराधी नए साल के जश्न का फायदा उठा सकते हैं।
साथ ही इस मौके पर होने वाले अधिकतर कार्यक्रमों में नशीले पदार्थों का सेवन अधिक होने की वजह से युवाओं द्वारा भी हुड़दंग, मारपीट जैसी घटनाएं और नशे में तेज रफ्तार से ड्राइविंग की आशंका बनी रहती है।
इन वजहों से डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों व अन्य अधिकारियों को सुरक्षा के संबंध में जरूरी कदम उठाने को कहा है। निर्देशों में नशेड़ियों की देर रात तक ब्रेथ एनालाइजर से जांच करने को कहा गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने इसके लिए सभी आईजी, डीआईजी व जिलों के कप्तानों को लिखित निर्देश जारी किए हैं।
इसमें कहा गया है कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी नववर्ष 31 दिसंबर की रात से प्रारम्भ होकर एक जनवरी 2014 तक मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि नए साल का जश्न मनाने के लिए युवा होटलों, क्लबों, मनोरंजन गृहों आदि में समूहों में एकत्रित होते हैं।
वे वहां शराब व अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर लड़ाई-झगड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा युवाओं द्वारा सड़कों पर तेज गति से मोटरसाइकिलें/गाड़ियां चलाई जाती हैं जिससे दुर्घटना होने की आशंका हमेशा बनी रहती है।
एडीजी ने अपने निर्देश में कहा है कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की चेकिंग ब्रेथ एनालाइजर द्वारा की जाए, जो व्यक्ति शराब पीकर गाड़ी चलाता हुआ मिले उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए।
विशेष रूप से होटलों, क्लबों, मनोरंजन गृहों तथा ऐसे स्थान जहां नववर्ष के सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हों, वहां निकास बिन्दुओं पर ब्रेथ एनालाइजर का प्रयोग कर शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की चेकिंग अवश्य कराई जाए।
एडीजी ने सचेत किया है कि इस मौके पर महिलाओं से छेड़छाड़, लूट व चेन स्नैचिंग की घटनाएं भी होती हैं, इसलिए इस पर भी कड़ी निगाह रखें। साथ ही आपराधिक और अराजक तत्वों पर भी नजर रखी जाए।
यह भी निर्देश दिए गए हैं कि प्रशासन के सहयोग से आवश्यकतानुसार अलाव की व्यवस्था कर ली जाए ताकि अत्यधिक ठंड व शीत लहर से किसी की मृत्यु न हो।