प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-22) के दूसरे दिन रविवार को भी सेंधमारी की कोशिश नाकाम रही। एसओजी, एसटीएफ व पुलिस ने प्रदेश भर में संयुक्त कार्रवाई कर सॉल्वर गैंग के सदस्योें, मूल अभ्यर्थियों के साथ कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया। शनिवार को हुई परीक्षा में भी ऐसे 21 आरोपी दबोचे गए थे।
पुलिस के अनुसार राजधानी के चिनहट स्थित न्यू विजडम प्रोग्रेसिव कॉलेज से एक सॉल्वर मदन मोहन को पकड़ा गया। वह अभ्यर्थी उमेश गौतम की जगह परीक्षा दे रहा था। मदन मोहन, मधुबनी बिहार का रहने वाला है। अयोध्या पुलिस ने भी मधुबनी के दो सॉल्वर श्याम कुमार यादव और संतोष कुमार को पकड़ा। एटा पुलिस ने फिरोजाबाद के मनोज कुमार को पकड़ा। वह दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने जा रहा था। हाथरस में राजस्थान से आया सॉल्वर मनोज उर्फ मनोहरलाल को पकड़ा गया।
पीलीभीत में लखीमपुर के बृजेश कुमार बेनहर, गोरखपुर में आजमगढ़ के पंकज पटेल, शामली में कैराना के देशराज, समस्तीपुर के अमित और मूल अभ्यर्थी गौरव को गिरफ्तार किया गया। आगरा में सॉल्वर पटना निवासी विश्वजीत और सिद्धार्थनगर में बिहार कुकैला निवासी अनूप को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, एसटीएफ ने पूर्व सूचना के आधार पर आजमगढ़ से मूल अभ्यर्थी अनिल कुमार यादव और सॉल्वर प्रवीण कुमार उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया। अनिल महाराजगंज और प्रवीण खगड़िया, बिहार का निवासी है। प्रयागराज से पटना निवासी सॉल्वर समन कुमार और गाजीपुर से एजेंट सुरेश यादव की गिरफ्तारी हुई। जौनपुर से सॉल्वर जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया।
एजेंटों की तलाश तेज
एसटीएफ की शुरुआती जांच में सॉल्वरों को बैठाने के लिए 60 हजार रुपये तक के सौदे की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब एजेंटों की तलाश में जुटी है। इस परीक्षा में अधिकांश सॉल्वर बिहार के पकड़े गए हैं, ऐसे जांच एजेंसी की नजर पड़ोसी राज्य पर गड़ी हुई है।