कोरोना संकट के मद्देनजर सदस्यों की सुरक्षा के लिए इस बार विधानमंडल सत्र में विधानसभा व विधान परिषद में सदस्यों के बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। इस पर मंथन शुरू हो गया है। इस मुद्दे पर दोनों सदनों के अधिकारी जल्द ही राजनीतिक दलों व अन्य संबंधित पक्षों से भी बातचीत करेंगे।
वैसे तो अक्सर देखा जाता रहा है कि विधानमंडल के दोनों सदनों में दोपहर बाद कभी-कभी सदस्यों की उपस्थिति इतनी कम हो जाती है कि कोरम का संकट खड़ा हो जाता है। कई बार सदन की घंटी भी बजानी पड़ती है ताकि सदन में सदस्य आ जाएं। बावजूद इसके संवैधानिक और संसदीय परंपरा के अनुसार किसी सदस्य को सदन में आने से सामान्यत: रोका तो जा नहीं सकता।
इसलिए विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति के लिए कोरोना की छाया में सदन की बैठक बुलाना बड़ी चुनौती बन गई है ताकि सदस्यों के मध्य पर्याप्त शारीरिक दूरी रखी जा सके। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों वर्चुअल सदन के विकल्प पर गौर किया गया था। पर, कई तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों के चलते इसे विचार को छोड़ना पड़ा।