समाजवादी पार्टी ने मंत्रिमंडल में चार मुस्लिम चेहरों को शामिल करने के बाद एक और नया पैंतरा चला है।
माफिया अतीक अहमद को सुल्तानपुर से लोकसभा प्रत्याशी बनाने के बाद अब पार्टी ने अतीक को श्रावस्ती से प्रत्याशी बना दिया है।
गौरतलब है कि सपा ने अतीक को दिसंबर में सुल्तानपुर भेजा था।
अतीक ने जोश में आकर वहां सभा भी कर डाली थी, जिसमें 200 कारों के काफिले पर काफी बवाल भी हुआ था।
अखिलेश ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच में अतीक को क्लीन चिट मिल गई थी।
इस सीट पर पार्टी में लंबे समय से उठापटक चल रही थी। शायद यही वजह है कि सपा ने चौथी बार इस सीट से टिकट बदला है।
बहरहाल, सपा के इस कदम से साफ हो गया है कि सपा सुप्रीमो भले ही आम आदमी पार्टी को नजरअंदाज करने की पूरी कोशिश कर रहे हों, लेकिन वहां आप के संजय सिंह के सामने उन्हें पिटने का डर है।
कौन है अतीक अहमद
मूलत: इलाहाबाद के बाहुबली माफिया अतीक अहमद के बारे में एक कहावत मशहूर है...पढ़ाई में फिसड्डी, अपराध में अव्वल। तमाम माफियाओं की तरह अतीक ने भी क्राइम की दुनिया से पॉलिटिक्स का रुख किया और सबसे पहले सपा का ही दामन थामा।
वह 2004 से 2009 तक इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। इस बीच, सपा ने 2008 में ही अतीक को पार्टी से निकाल दिया।
2009 लोकसभा चुनाव में अतीक ने बसपा का दामन थामा, पर मायावती ने उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया।
दर्ज हैं 44 संगीन मुकदमे!
इसके बाद, 2009 लोकसभा चुनाव में अतीक ने अपना दल पार्टी के टिकट से प्रतापगढ़ में किस्मत आजमाई। हालांकि, यहां वह चौथे पायदान पर रहे। चुनाव के दौरान दिए एफिडेविट में बताया गया कि अतीक के खिलाफ 44 मामले दर्ज हैं।
इनमें हत्या से लेकर हत्या की कोशिश तक कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। अतीक पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, 7 क्रिमिनल लॉ अमेण्डमेण्ट एक्ट और आयुध अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जा चुकी है।