अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और विभागीय कार्रवाई भी होगी। उन्होंने बताया कि विभाग कॉपियों की जांच करने वाली कंपनी के खिलाफ भी जांच होगी। आशंका है कि कंपनी के स्तर पर भी कॉपियों में गड़बड़ी हो सकती है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में गड़बड़ियों के पीछे किसी गिरोह का हाथ होने की बात सामने नहीं आई है।
शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनियमितता की जांच के लिए गन्ना विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष साक्ष्य उपलब्ध कराने का 19 सितंबर को अंतिम दिन है। जांच कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार को सौंपेगी। इसके बाद विभाग की सिफारिश के साथ यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास भेजी जाएगी।
फैजाबाद की अलजीता चौधरी ने मंगलवार को साक्ष्य प्रस्तुत किया जिसमें उनकी पूरी पूरी कॉपी ही बदल दी गई है। अलजीता के पास उपलब्ध कार्बन कॉपी और परीक्षा नियामक प्राधिकारी से मिली स्कैन प्रति में अंतर स्पष्ट है। अलजीता को परीक्षा में 26 अंक मिले हैं जबकि कार्बन कॉपी के हिसाब से उसे 76 अंक मिलने चाहिए। इसी तरह मो. अजमल को परीक्षा में 39 अंक मिले हैं जबकि कार्बन कॉपी के हिसाब से उसे 92 अंक मिलने चाहिए।