स्काउट-गाइड संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रादेशिक संस्था के छह पदाधिकारियों की शिकायत पर संस्था में बिना कार्यकारिणी की स्वीकृति के लिए गए निर्णयों पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। उन्होंने एक प्रादेशिक आयुक्त स्तर के अधिकारी पर लगे आपराधिक आरोपों की जांच कर रिपोर्ट भी मांगी है।
संस्था के प्रादेशिक उपाध्यक्ष डॉ. आरपी मिश्र ने बताया कि स्काउट-गाइड संस्था की ओर से छात्रों से लिए जाने वाले शुल्क का एक अधिकारी पर दुरुपयोग करने का आरोप है। अधिकारी पर बिना कार्यकारिणी की स्वीकृति के इस मद से निजी उपयोग के लिए 25 लाख का लग्जरी वाहन खरीदने का आरोप है। नोएडा से लखनऊ आने-जाने, आवास, ड्राइवर व डीजल आदि पर भी करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह व्यय करने की शिकायत है।
संस्था के राष्ट्रीय नियमों में 2019 से प्रादेशिक स्तर पर आजीवन सदस्यता पर रोक लगा दी गई है, लेकिन भय दिखा कर प्रादेशिक स्तर पर जबरिया 5000 रुपये आजीवन सदस्यता शुल्क भी जमा कराने के आरोप हैं।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनके साथ कुल छह पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से शिकायत की थी। इसी पर अध्यक्ष ने निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेशों का पालन नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।