एनटीईएस पर गलत फीडिंग के चलते सोमवार को अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में भाग लेकर लौट रहे पचास से अधिक वैज्ञानिकों की ट्रेनें छूट गईं। नाराज वैज्ञानिकों ने स्टेशन प्रशासन से शिकायत की, जिसके बाद उन्हें समझा-बुझाकर शांत करवाया गया। ट्रैक मेंटेनेंस के चलते कई ट्रेनें निरस्त चल रही हैं, जबकि कइयों के रूट बदले हुए हैं।
इसी क्रम में पुरी से आनंदविहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस(12875), हावड़ा से अमृतसर जंक्शन जाने वाली पंजाब मेल (13005) और वाराणसी से देहरादून जाने वाली जनता एक्सप्रेस (14265) की फीडिंग सोमवार को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) पर डेढ़ से दो घंटे देरी से शो कर रहा था।
इन ट्रेनों से कई वैज्ञानिकों को दिल्ली, अमृतसर और देहरादून जाना था। पर, जब वे चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि ट्रेन जा चुकी है, जिससे यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने चारबाग रेलवे स्टेशन प्रशासन को एनटीईएस की फीडिंग दिखाई, जिसमें ट्रेनें लेट शो कर रही थीं। स्टेशन प्रशासन ने जैसे-तैसे उन वैज्ञानिकों को शांत कराया, जिसके बाद वैज्ञानिकों ने लखनऊ मेल में टिकट करवाया। अब वे मंगलवार को यात्रा करेंगे।
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वहीं अहमदाबाद से वाराणसी जा रही साबरमती एक्सप्रेस में सोमवार को उस वक्त खलबली मच गई, जब मगरवारा में ट्रेन में बैठे यात्रियों को झटके महसूस हुए। आनन-फानन ट्रेन को रोका गया और जांच पड़ताल की गई।
हालांकि, स्थितियां सामान्य मिलीं मगर ऐहतियात के तौर पर ट्रेन को धीमी गति से लखनऊ के लिए रवाना किया गया। ट्रेन संख्या 19167 साबरमती एक्सप्रेस सोमवार दोपहर लखनऊ की ओर आ रही थी कि उन्नाव से निकलने के बाद मगरवारा के पास ट्रेन में झटके लगने शुरू हो गए।
यात्रियों ने इसे सामान्य समझा, फिर भी जब झटकेनहीं रुके तो उन्होंने हादसे की आशंका जताते हुए रेलवे को इसकी जानकारी दी। इसके बाद ट्रेन को रोक कर तत्काल रेलवे कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। जिन्होंने ट्रेन की बोगियों से लेकर पटरियों तक की जांच-पड़ताल की।
लेकिन स्थितियां सामान्य मिलीं, जिसके बाद ट्रेन रवाना करने के निर्देश मिले। रेलवे ने ट्रेन को धीमी गति से रवाना कर दिया। दरअसल, मगरवारा में इससे पहले मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी। जबकि रूरा व पुखराया के रेल हादसे से रेलवे आज भी सदमे में है।