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वैज्ञानिकों ने आंवला समेत इन चीजों से तैयार किया हर्बल हेयर कलर, बतायी ये खासियतें

Fri, 26 Oct 2018 04:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रो. एसके बारिक - फोटो : amar ujala
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नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) के वैैज्ञानिकों ने आंवला, अखरोट व मेहंदी जैसे पौधों से हर्बल हेयर कलर तैयार किया है। इस हर्बल उत्पाद को हिमाचल प्रदेश की एक निजी कंपनी के सहयोग से बाजार में लाया जाएगा।
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इसकी कीमत भी बाजार में मौजूद रसायन से निर्मित हेयर कलर से कम रखने की योजना कंपनी की है। बृहस्पतिवार को एनबीआरआई के 65वें वार्षिक समारोह में इस हर्बल हेयर कलर को लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र नाथ सिंह, यूनीवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज बंगलुरू के प्रो. आर उमाशंकर और निदेशक एनबीआरआई प्रो. एसके बारिक मौजूद रहे।

एनबीआरआई के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. महेश पाल ने बताया कि हर्बल हेयर कलर को आंवला, मेंहदी, अखरोट, बहेड़ा जैसे पौधे और फलों के सत्व से तैयार किया गया है। इस हेयर कलर के दो फायदे होंगे। पहला, जहां सफेद बालों से छुटकारा मिलेगा। वहीं औषधीय गुण होने की वजह से धीरे-धीरे बाल अंदर से ही काले होने लग जाएंगे। बालों के लिए यह टॉनिक का काम करता है। ऐसे में यह रूसी से भी छुटकारा दिलाएगा।
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100 से ज्यादा लोगों पर सफल परीक्षण 

डेमो - फोटो : डेमो
कंपनी के अधिकारी ने बताया कि इस उत्पाद को बाजार में लाने से पहले 100 से अधिक लोगों पर सफल परीक्षण किया गया है। इसे भूरे और काले रंग में लाया जा रहा है। इस रंग का उपयोग पुरुष और महिलाएं दोनों ही कर सकते हैं। बाद में इसे अन्य रंगों में भी उतारा जाएगा। 

दो फॉर्मूले किए विकसित
पूरे साल में हुए कामों की जानकारी देते हुए निदेशक प्रो. बारिक ने बताया कि संस्थान ने दो हर्बल फॉमूले विकसित किए। इनमें एक मूत्र मार्ग की पथरी को कम करने के लिए बनाया गया है। वहीं पशुओं की किलनियों को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया गया।

यह शोध कार्य बरेली स्थित पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान की मदद से किया गया। इसके अलावा गुलदाउदी सहित अन्य पौधों की नई प्रजातियां विकसित कीं। संस्थान की बड़ी उपलब्धि संकट ग्रस्त प्रजाति होया पेंडूरेटा को भारत में पहली बार तलाश करना रहा। इसके अलावा मृत परजीवी मॉस स्प्लेकनम स्फैरिकम के कृत्रिम प्रवर्धन के लिए नया प्रोटोकॉल भी विकसित किया गया।
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