फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अटल बिहारी वाजपेयी जी के नाम से जाना जाएगा केजीएमयू में बना ये सेंटर

Tue, 06 Feb 2018 01:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : demo
विज्ञापन
केजीएमयू परिसर में बना लखनऊ का भव्य साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर अब पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से पहचाना जाएगा। साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर मैनेजमेंट सोसायटी ने इस बाबत प्रस्ताव संस्तुति के लिए राज्यपाल को भेजा था।
विज्ञापन


एक फरवरी को कन्वेंशन सेंटर सोसायटी संचालन समिति की बैठक में मेडिकल विवि के कुलपति प्रो. एमएल भट्ट ने यह जानकारी दी। बताया कि जल्द कन्वेंशन सेंटर के मुख्य प्रवेश द्वार को भव्य अटल प्रवेश द्वार बनाने का काम पूरा कर इमारत पर अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर का नाम दर्ज किया जाएगा।

इसके बाद संचालन समिति जल्द कन्वेंशन सेंटर के स्वरूप को और दिलकश व उपयोगी बनाएगी। मैनेजमेंट सोसायटी में जिला प्रशासन की ओर से हिस्सेदारी करने वाले नामित अपर जिलाधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कन्वेंशन सेंटर में बेसमेंट पार्किंग से पहले व दूसरे तल पर बने कांफ्रेंस हॉल्स तक पहुंचने के लिए छह और लिफ्ट भी लगवाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सार्थक होगी अटलजी की प्रेरणा, लालजी टंडन का प्रयास

केजीएमयू परिसर में बना साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर - फोटो : amar ujala
शासन को प्रस्ताव भेजकर धनराशि की व्यवस्था कराई जाएगी। साथ ही कन्वेंशन सेंटर के प्रवेश द्वार के पास बने दो छोटे कांफ्रेंस हॉल और बनवाने पर भी सहमति जताई गई। इससे 50 प्रतिभागियों की मौजूदगी वाली बैठक की उपलब्धता सेंटर परिसर में सुनिश्चित हो सकेगी।

अन्य प्रस्ताव में कन्वेंशन सेंटर पर बकाया नगर निगम के गृहकर व सीवर कनेक्शन की देय राशि 43,47,603 का भुगतान भी शासन स्तर से शीघ्र निस्तारित कराने के लिए संचालन समिति के सचिव को नामित किया गया। मेडिकल विवि से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सकों से लेकर सेवानिवृत्त चिकित्सकों ने भी कन्वेंशन सेंटर का नाम अटलजी के नाम पर किए जाने के प्रशासन के निर्णय पर खुशी जताई है।

मेडिकल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. केएम सिंह व पूर्व प्रति कुलपति व अस्थिरोग विभाग के अध्यक्ष रहे प्रो. ओपी सिंह ने बताया कि अटलजी व लालजी टंडन के प्रयास से वर्ष 2001 में साइंटिफिक सेंटर बनवाने की शुरुआत हुई। वहीं, महज तीन साल बाद 2004 में इसके पहले चरण का काम पूरा कर उपयोग में लाना शुरू हो गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें