उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा
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उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि निजी स्कूल लॉकडाउन की अवधि में अभिभावकों से कोई ट्रांसपोर्टेशन शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने तिमाही की जगह हर महीने शुल्क लेने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय स्कूलों में बस या ट्रांसपोर्टेशन सेवा का उपयोग नहीं हो रहा है। इसलिए स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से ट्रांसपोर्टेशन शुल्क नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों को तिमाही की जगह मासिक शुल्क लेने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि शुल्क न जमा होने की स्थिति में किसी भी विद्यार्थी को न तो ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित किया जा सकता है ना ही किसी विद्यार्थी का नाम काटा जा सकता है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन अवधि में स्कूलों को फीस स्थगित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। अप्रैल, मई और जून की फीस को बाद में समायोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी की प्रक्रिया तय करने के लिए कानून बना है। कोई भी स्कूल फीस निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन की अनुमति के बिना शुल्क नही बढ़ा सकते। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूल प्रबंधकों को किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं रोकने के निर्देश दिए हैं।