स्वतंत्रता दिवस पर जब शहर में जश्न का माहौल था, तो दूसरी तरफ कैंट इलाके में एक ओवर स्पीड स्कूल वैन हादसे का शिकार हो गई।
जयपुरिया स्कूल की इस वैन में आठ बच्चे सवार थे। बच्चों के मुताबिक, ड्राइवर की लापरवाही से महात्मा गांधी मार्ग पर पेट्रोल पंप के सामने गाड़ी ने बैलेंस खो दिया।
गाड़ी इतनी स्पीड में थी कि सड़क से पांच फुट नीचे जाकर पेड़ से टकरा गई। बच्चों ने बताया कि अगर पेड़ से टक्कर न हुई होती, तो गाड़ी पूरी तरह पलट सकती थी और इसमें बड़ा हादसा हो सकता था।
गाड़ी की तेज टक्कर से पेड़ टूट गया और गाड़ी वहीं रुक गई। इस हादसे में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वैन का दरवाजा लॉक हो जाने से सभी बच्चे खौफजदा हो गए।
वैन में सवार 11वीं के छात्र अभिषेक अग्रवाल ने बहादुरी दिखाई और सभी बच्चों को बारी-बारी खिड़की से किसी तरह बाहर निकाला।
इसके बाद, सभी बच्चों को पेट्रोल कर्मचारियों ने पंप के केबिन में बैठा दिया। यहीं से बच्चों के पैरेंट्स को सूचना दी गई और वे अपने बच्चों को ले गए।
इतने सब के बावजूद, स्कूल से कोई भी बच्चों का हाल लेने घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। इस हादसे में स्कूल की लापरवाही का एक और मामला उजागर हो गया है।
सख्त दिशा-निर्देश के बावजूद स्कूली वैन पर न तो स्कूल का नाम था, न ही कोई नंबर ही मौजूद था। बताया जा रहा है कि स्कूल ने बच्चों को प्राइवेट वैन से ही घर भेज दिया था।
कार मालिक ने की गुंडई
घटनास्थल पर बंटी नाम का कार मालिक पहुंचा तो उसने मांफी मांगने की बजाए, वहां मौजूद दो-तीन बच्चों के पैरेंट्स पर ही रौब जमाने लगा। वहां मौजूद मीडिया से पैरेंट्स से बात न हो सके, इसलिए वह उन पर वहां से जाने के लिए दबाव बनाने लगा। इसको लेकर पैरेंट्स की बंटी से कहासुनी भी हो गई।