नसीराबाद (रायबरेली)। नसीराबाद थाना क्षेत्र में बुधवार रात धर्म परिवर्तन की सूचना को लेकर हड़कंप मच गया। छतोह के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में रुके लगभग 60 लोगों को सैकड़ों ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस पहुंची और लोगों से पूछताछ कर क्षेत्र के बाहर निकल जाने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। पुलिस की इस कार्यशैली से लोगों में आक्रोश है।
छतोह के बेढौना गांव में इमरती कुआं के पास पूर्व माध्यमिक विद्यालय चतुरपुर में 60 लोग एकत्र हो गए। इसकी जानकारी रात में ही बेढ़ौना गांव निवासी धर्म जागरण प्रमुख अक्षय शास्त्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों दी। जिस पर कुंवरमऊ, बिरनावां, चतुरपुर, भुआलपुर, सिसनी, धरई भूलामऊ, राजापुर, कुकहा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। चारों तरफ से उन्होंने स्कूल को घेर लिया।
थाना अध्यक्ष जितेंद्र मोहन सरोज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्कूल में रुके हुए लोगों से पूछताछ की। सभी बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे। ज्यादातर ने गले में ईसाई वाली माला पहनी थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद उनके गले से माला निकाल दी।
थानाध्यक्ष ने उन लोगों को चेतावनी देकर क्षेत्र से तत्काल बाहर चले जाने को कहा। धर्म जागरण प्रमुख अक्षय शास्त्री ने बताया कि ये लोग गांवों में जाकर हिंदू परिवार को पैसे का लालच देकर ईसाई धर्म में शामिल कराते हैं। ये लोग बिहार के रहने वाले है। इनके पास जो मोटरसाइकिल थी, उसमें यूपी का नंबर पड़ा था।
जब संदिग्ध लोगों के परिचितों से संपर्क किया गया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद भी पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। मामले में थानाध्यक्ष जितेंद्र मोहन सरोज का कहना है कि समस्तीपुर बिहार के कुछ घुमंतू लोग थे। इसी में कुछ बच्चे ईसाई धर्म की माला पहने थे। बताया कि पूछताछ कर सभी को छोड़ दिया गया।