यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान बृहस्पतिवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर हिंदी की परीक्षा के दौरान गलत प्रश्नपत्र देने के मामले में पूरी तरह से व्यवस्था की लापरवाही उजागर हुई है।
‘अमर उजाला’ के शनिवार को ‘यूपी बोर्ड : हिंदी का गलत प्रश्नपत्र, हंगामा’ शीर्षक के तहत समाचार प्रकाशित होने और भुक्तभोगी परीक्षार्थियों की शिकायत के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक की जांच में यह बात सामने आई है।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद एक विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। साथ ही दो केंद्र व्यवस्थापकों को कार्यमुक्त करके अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा चार शिक्षकों को निलंबित भी किया गया है।
बृहस्पतिवार को हिंदी की परीक्षा के दौरान जीसस एंड मैरी इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्रों को आलमबाग स्थित गांधी विद्यालय परीक्षा केंद्र पर हिंदी के गलत प्रश्नपत्र से ही परीक्षा देनी पड़ी थी।
इसके बाद परीक्षार्थियों ने शुक्रवार को अपने मूल विद्यालय जीसस एंड मैरी इंटर कॉलेज में हंगामा किया था।
मामले की जांच में यह बात सामने आई थी कि जीसस एंड मैरी इंटर कॉलेज की ओर से पोर्टल पर ही विद्यार्थियों का गलत विवरण फीड किया गया था।
इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने बोर्ड को पंजीकृत डाक से इसकी सूचना भेजी थी, लेकिन इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को कोई सूचना नहीं दी थी।
ऑनलाइन गलती ऑफलाइन प्रणाली से सही नहीं की जा सकती है। इससे यह गलती सही नहीं हो सकी।
वहीं, आलमबाग स्थित गांधी विद्यालय परीक्षा केंद्र के केंद्र व्यवस्थापक को 23 मार्च को संख्या सूचक चक्र प्राप्त हो गया था, लेकिन उन्होंने इस पर न तो कोई कार्रवाई की न ही उच्च अधिकारियों को जानकारी दी।
इसलिए जांच के बाद जीसस एंड मैरी इंटर कॉलेज की मान्यता समाप्त करने और गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के केंद्र व्यवस्थापक तेज राम को बोर्ड परीक्षा कार्य से कार्यमुक्त करके राजेश कुमार राय को यह जिम्मेदारी दी गई है।
छात्राओं की शिकायत के बावजूद नहीं बदला प्रश्नपत्र, निलंबन
बजरंगी लाल साहू इंटर कॉलेज में गर्ल्स इंटर कॉलेज मुफ्तीगंज की 12वीं की छात्राएं परीक्षा दे रही थीं। छात्राओं का कहना था कि उन्हें हिंदी के बजाय सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र दे दिया गया। इसे लेकर उन्होंने कक्ष निरीक्षकों से इसकी शिकायत भी की, लेकिन उनको डांटकर चुप करा दिया गया। इसके बाद मजबूरी में छात्राओं को गलत प्रश्नपत्र से ही परीक्षा देनी पड़ी। इस मामले में भी जांच हुई। इसमें सीधे तौर पर कक्ष निरीक्षकों की गलती उजागर हुई। इसके अलावा केंद्र व्यवस्थापक ने भी कक्षों में बांटे गये प्रश्नपत्रों का मिलान नहीं किया। इसे देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकांत ने जांच के बाद केंद्र व्यवस्थापक रवि किशोर गौतम को कार्यमुक्त करके रत्ना गुप्ता को यह जिम्मेदारी दी है। साथ ही रवि किशोर गौतम के साथ ही कक्ष निरीक्षक- एलिया, अनामिका दीक्षित, प्रीति और नंदिता श्रीवास्तव को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। केंद्र व्यवस्थापक रवि किशोर गौतम के खिलाफ एफआईआर तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है।
बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि
जिला विद्यालय निरीक्षक ने मुसाहिबगंज स्थित बजरंगी लाल साहू इंटर कॉलेज में हुए मामले में यहां तैनात बाह्य केंद्र व्यवस्थापकों को भी लापरवाही का दोषी माना है। इसलिए राजकीय हाईस्कूल मलहा के सहायक अध्यापक सत्येंद्र कुमार पांडेय और राजकीय हाईस्कूल हलुआपुर की सहायक अध्यापक सरिता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की सिफारिश की है।
परीक्षार्थियों को गलत प्रश्नपत्र दिए जाने की शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच करवाई गई है। जांच में दोषी मिलने पर एक विद्यालय की मान्यता समाप्त करने, दो केंद्र व्यवस्थापक बदलने और कक्ष निरीक्षकों के निलंबन की संस्तुति की गई है।
- डॉ. अमरकांत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक