प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के करीब डेढ़ करोड़ बच्चों को विद्यालय प्रबंध समिति के जरिये ही निशुल्क स्वेटर का वितरण कराया जाएगा। दो महीने की जद्दोजहद के बावजूद जेम पोर्टल या केंद्रीयकृत निविदा से बच्चों के लिए स्वेटर खरीदने में विफल रहे बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार शाम यह फैसला किया।
विभाग ने स्वेटर का रंग मैरून तथा अधिकतम मूल्य 200 रुपये प्रति स्वेटर निर्धारित किया है। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को 6 जनवरी से स्वेटर वितरण शुरू कराकर 30 दिन में इस काम को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय विधायक एवं सांसद के हाथों स्वेटर वितरित कराए जाएंगे।
विभाग के अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क स्वेटर वितरित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को उनकी अध्यक्षता में जिला स्तर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने स्वेटर के लिए 390 करोड़ का बजट आवंटित किया है। प्रदेश के 59 हजार प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 1.53 करोड़ विद्यार्थियों को निशुल्क स्वेटर वितरित किए जाने हैं।
जिला स्तर पर कमेटी गठित
स्वेटर वितरण एवं निगरानी के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी, वरिष्ठतम उप जिलाधिकारी, महाप्रबंधक या प्रबंधक उद्योग विभाग, मुख्य या वरिष्ठ कोषाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। बीएसए को स्वेटर वितरण की छात्र संख्या की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी जिलाधिकारी को स्वेटर के समयबद्ध वितरण के लिए जिला स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित कर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित विकास खंड स्थित परिषदीय विद्यालयों की प्रबंधक समिति के अध्यक्ष एवं सचिवों की बैठक आयोजित कर नियमानुसार स्वेटर खरीदने और उसकी गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालय प्रबंध समिति को जिम्मेदारी सौंपी
सरकार ने स्वेटर वितरण के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की उत्तरदायी बनाया है। सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष की अध्यक्षता में स्वेटर खरीदने के लिए क्रय समिति गठित करने को कहा गया है। इसमें संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रबंध समिति में स्थानीय प्राधिकारी की ओर से नामित सदस्य और एक अन्य अभिभावक को सदस्य नियुक्त किया जाएगा।
क्रय समिति स्वेटर की गुणवत्ता और नाम निश्चित कर नियमानुसार स्वेटर खरीदेगी। 20 हजार से एक लाख रुपये तक खर्च होने पर कोटेशन के जरिए और एक लाख से अधिक खर्च होने पर टेंडर के जरिए स्वेटर खरीदना होगा।
यह रहेगा साइज
कक्षा 1-2 एस साइज
कक्षा 2-4 एम साइज
कक्षा 5-6 एल साइज
कक्षा 7-8 एक्स साइज
गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्वेटर की गुणवत्ता खराब होने या स्वेटर वितरण में फर्जीवाड़ा पाए जाने और नकद भुगतान करने पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई कर वसूली करने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को अधिकार दिया गया है।
खंड या वार्ड स्तर पर गुणवत्तायुक्त स्वेटर वितरित करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है। वितरण में खंड शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत मिलने पर उनसे वसूली करने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एक महीने में स्वेटर बंटना मुश्किल
सरकार ने 6 जनवरी से स्वेटर वितरण शुरू कर 30 दिन में स्वेटर वितरित कराने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इतने कम समय में सभी विद्यार्थियों को स्वेटर वितरण करना संभव नहीं है। ऐसे में जनवरी की सर्दी बीतने और फरवरी से गर्मी की आहट शुरू होने तक भी बच्चों को स्वेटर नहीं मिल सकेंगे।
स्वेटर वितरण का वादा पूरा करेंगे : अनुपमा जायसवाल
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने कहा कि सरकार ने स्वेटर वितरण का वादा किया था। सरकार उसे पूरा कर रही है। सरकार के नियमानुसार जेम पोर्टल से स्वेटर खरीद के लिए प्रयास किया था, लेकिन वहां वितरक नहीं मिलने के कारण केंद्रीयकृत निविदा आमंत्रित की गई। उसमें भी दो ही ठेकेदार आए। अब विद्यालय प्रबंध समिति से समय पर स्वेटर वितरण कराने का प्रयास किया जाएगा। अनुपमा ने कहा, मैंने वादा किया था कि जब तक बच्चों को स्वेटर वितरित नहीं होंगे, मैं स्वेटर नहीं पहनूंगी तो मैंने अभी तक स्वेटर नहीं पहना है।