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खुशखबरी, स्कूल खुलते ही पौने दो लाख बच्चों को मिलेगा नया ड्रेस

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अंबेडकरनगर के इन परिषदीय स्कूल में अध्ययनरत बच्चों को जल्द मिलेंगे नि:शुल्क ड्रेस - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले के 1 हजार 886 परिषदीय व अन्य विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग पौने दो लाख विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। जुलाई में विद्यालय खुलने के कुछ ही दिन बाद उन्हें नई ड्रेस उपलब्ध हो जाएगी। इसके लिए शासन से बीएसए कार्यालय को लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिया गए। शासन के निर्देशानुसार जिन विद्यालयों में स्काउट हैं, वहां के छात्र-छात्राओं को एक विद्यालय ड्रेस व एक स्काउट ड्रेस भी दी जाएगी। बीएसए कार्यालय से प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजे जाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। जुलाई के अंतिम सप्ताह तक छात्र-छात्राओं में ड्रेस वितरण हो जाएगा।
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परिषदीय विद्यालयों समेत अन्य चयनित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को समय पर निशुल्क पुस्तकें व ड्रेस उपलब्ध कराए जाने का निर्देश शासन ने दिया था। जुलाई में विद्यालय खुलने पर विद्यार्थियों को पुस्तकें मिल सकें, इसके लिए 20 जून तक सभी पुस्तकें न सिर्फ जिले में पहुंच गई, बल्कि छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध करा दिया गया। अब विद्यार्थियों को दो जोड़ी निशुल्क ड्रेस भी समय रहते उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बताते चलें कि ड्रेस योजना का लाभ जिले के 1 हजार 886 विद्यालयों में पढ़ रहे 1 लाख 77 हजार 179 छात्र-छात्राओं को दिया जाना है। जो 1886 विद्यालय हैं, उनमें 1,353 प्राथमिक, 520 उच्च प्राथमिक, 8 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 3 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज व 2 समाज कल्याण के विद्यालय शामिल हैं। संबंधित छात्र-छात्राओं को 300 रुपये की दर से दो जोड़ी ड्रेस उपलब्ध कराने के लिए बीते दिनों बीएसए कार्यालय ने शासन से 9 करोड़ 90 लाख रुपये की मांग की थी।
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गत दिवस ही शासन से 7 करोड़ 42 लाख रुपये उपलब्ध हो गए। बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक सीके मिश्र ने बताया कि छात्र-छात्राओं की संख्या के आधार पर संबंधित विद्यालय की प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजे जाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। बताया कि जिन विद्यालय में स्काउट गाइड है, वहां के छात्र-छात्राओं को एक विद्यालय ड्रेस, जबकि एक स्काउट ड्रेस दिया जाएगा। बताया कि शासन के निर्देशानुसार ड्रेस के लिए जो कपड़ा लिया जाएगा, उसमें 67 प्रतिशत कॉटन व 33 प्रतिशत पॉलिस्टर होगा।
लिपिक सीके मिश्र ने बताया कि वैसे तो ड्रेस के लिए राशि संबंधित विद्यालय के प्रबंध समिति के खाते में भेजी जाती है। इसके बाद विद्यालय प्रधानाध्यापक द्वारा ड्रेस सिलवाया जाता है। हालांकि जिन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या 100 से अधिक होगी, वहां टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ड्रेस का वितरण कराया जाएगा।
300 रुपये की दर से दो जोड़ी ड्रेस वितरण के लिए शासन से लगभग साढ़े 7 करोड़ रुपये राशि उपलब्ध हो गई है। विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में राशि भेजी जा रही है। जुलाई के अंतिम सप्ताह तक सभी छात्र-छात्राओं को नई ड्रेस उपलब्ध करा दी जाएगी।
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- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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