छात्रवृत्ति घोटाले में बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। फिनो बैंक में एक साल में करीब तीन हजार बैंक खाते खोले गए हैं। जांच में इसकी पुष्टि हुई है।
छात्रवृत्ति घोटाले की चल रही जांच में नए-नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब जांच में खुलासा हुआ है कि फिनो बैंक में एक साल के भीतर सभी खाते खुलवाए गए थे। अन्य वर्षों में छात्रों के अलग-अलग बैंक के खातों में छात्रवृत्ति की रकम आई।
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जांच एजेंसी इसमें तलाश रही है कि किसकी भूमिका फर्जीवाड़े में है और किसकी नहीं। इस मामले में फिनो बैंक के अफसरों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि फिनो बैंक में 2022 में सभी 3000 खाते खोले गए। इसके पहले अन्य बैंकों में छात्रों के खाते थे, जिसमें छात्रवृत्ति की राशि आती थी। जांच एजेंसी जिन-जिन बैंकों के खातों में ये राशि आई उन सभी से ब्योरा जुटाया है। इसमें फिनो बैंक सवालों के घेरे में आ गया है। क्योंकि, इस बैंक में खोले गए सभी खातों में सिर्फ दो ई-मेल का इस्तेमाल किया गया।
यहीं पर आशंका है कि घोटाले के मुख्य आरोपियों से इस बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत रही। फिलहाल तफ्तीश कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पर्याप्त सुबूत जुटाने के बाद कार्रवाई हो सकती है।