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लखनऊ में कोवाकि्सन न मिलने से कई लोग अस्पताल से निराश लौटे

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सरकारी अस्पतालों में शनिवार को कोवाक्सिन का संकट रहा। कई घंटे इंतजार करने के बाद वैक्सीन न होने की जानकारी पर कई लोगों ने नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन का कोई भी संकट नहीं है।
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मालूम हो कि सरकारी अस्पतालों में 18 से 44 आयु वर्ग के 150 लोगों को वैक्सीन लगाने की डोज रोज मिलती है। जबकि 45 पार वालों के लिए सीमा तय नहीं है।
सरकारी अस्पतालों में दो दिन से वैक्सीन कम भेजी जा रही है। ऐसे में 45 पार वाले वैक्सीन न होने पर निराश होकर लौट रहे हैं। सिविल अस्पताल में शनिवार को महज 368 लोगों को वैक्सीन लगाई।
इसमें 18 से 44 के बीच वाले 147 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। जबकि सैकड़ों की संख्या में पहुंचे 45 पार वालों में से कुछ को ही वैक्सीन लग पाई।
बाकी को वैक्सीन न होने की बात कहकर लौटाया जाने लगा। इस पर कई बुजुर्गों ने नाराजगी भी जताई। अस्पताल सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि 45 पार वाले ग्रुप में वैक्सीन कम मिली थी।
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ऐसे में कई को वैक्सीन नहीं लग पाई। उधर, लोकबंधु अस्पताल में 250 लोगों को वैक्सीन लगी। जबकि यहां पहले हर रोज 600 से अधिक लोगों को वैक्सीन लग रही थी। यही हाल अन्य केंद्रों का रहा।
जहां कोवाक्सिन लगाई जा रही थी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह के मुताबिक, वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।
18812 लोगों को वैक्सीन लगाई गई
लखनऊ। राजधानी में शनिवार को 18812 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। टीका लगवाने में युवाओं ने अधिक उत्साह दिखाया और 18-44 आयु वर्ग के 12,813 लोगों ने टीके की पहली खुराक ली। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि 40 हेल्थ वर्कर ने पहली डोज लगवाई। इसमें 19 महिला स्वास्थ्यकर्मी हैं। कार्यक्रम में 693 बुजुर्गों ने वैक्सीन की पहली खुराक ली।
230 में से चार यात्री निकले संक्रमित
चारबाग स्टेशन पर शनिवार को जांच में 230 यात्रियों में से चार संक्रमित निकले। इससे पहले रोजाना औसतन 15 से 20 कोरोना मरीज मिल रहे थे। दूसरी लहर के बाद रेलवे स्टेशनों पर कोरोना जांच तेज कर दी गई है। चारबाग स्टेशन पर कई काउंटर बनाए गए हैं, जहां लखनऊ आने व यहां से जाने वाले यात्रियों की जांच हो रही है। संक्रमण कम होने के बाद भी काउंटर कम नहीं किए गए हैं। स्टेशन पर सैनिटाइजेशन के साथ जंक्शन पर भी नियमित रूप से यात्रियों की जांच हो रही है। ऐशबाग, बादशाहनगर, सिटी स्टेशन पर भी इसकी व्यवस्था है। स्टेशनों पर एंटीजन और आरटीपीसीआर दोनों जांचें हो रही हैं, जिसकी रिपोर्ट तय समय में यात्रियों को मिल रही है।
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ब्लैक फंगस के चार मरीज मिले, एक की मौत
राजधानी में शनिवार को ब्लैक फंगस के चार नए मरीज मिले। वहीं, गोंडा की 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इसके साथ ही चार रोगियों को डिस्चार्ज भी किया गया।
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