शहरों में सड़क बनाने के नाम पर होने वाले गोलमाल पर रोक लगाने की तैयारी है। निकायों को सड़क बनाते समय प्रस्ताव में इस बात का अनिवार्य रूप से जिक्र करना होगा कि इसके पहले यह कब बनी थी।
स्थानीय निकाय निदेशालय ने नगर निगम, पालिका परिषद और नगर पंचायतों से यह भी पूछा है कि उनके यहां कितनी पक्की, कितनी अर्द्धपक्की व कितनी कच्ची सड़कें हैं। निकायों से 25 मई तक यह ब्यौरा निदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
शहरी क्षेत्रों में सड़क बनाने की जिम्मेदारी नगर निगम, पालिका परिषद व नगर पंचायतों की है। निकायों में रोड रजिस्टर बनाने की व्यवस्था है। सड़क बनाते समय इस रजिस्टर में अनिवार्य रूप से जिक्र करना होता है कि इसके पहले इसका निर्माण कब हुआ था।
इसके बावजूद इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से रोड रजिस्टर में पूरा ब्यौरा नहीं रखा जाता है और सड़क बनाने के लिए तैयार होने वाली फाइल में इसका जिक्र किया जाता है। इसके चलते निकायों में सड़क निर्माण के नाम पर आए दिन धांधली की शिकायतें मिलती रहती हैं।