प्रदेश में तीन राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता खराब पाई गई है। यहां कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता अनिल कुमार पांडे के सगे भाई ललित कुमार पांडे को अवैध रूप से ठेका दे दिया गया। इन मामलों में एफआईआर और निर्माण कार्यों का विशेष ऑडिट कराने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।
बदायूं के सहसवान और शाहजहांपुर के तिलहर व जलालाबाद में राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के भवन निर्माणाधीन हैं। शासन की जांच में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक आपूर्ति की गई निर्माण सामग्री का पूरा उपयोग किया गया या नहीं, इसकी तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराने की आवश्यकता है। इन संस्थानों के भवन निर्माण कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ को दी गई है।
यहां ठेकेदार ललित कुमार पांडे को बिना उचित प्रक्रिया अपनाए ठेका दे दिया गया। इसे जांच रिपोर्ट में अवैध रूप से कार्य आवंटन बताया गया है। ठेकेदार का ट्रेड टैक्स के लिए पंजीकरण तक नहीं है। इससे कर चोरी व शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका भी जताई गई है।
जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कार्यदायी संस्था के सहायक अभियंता अनिल कुमार पांडे और ललित कुमार पांडे सगे भाई हैं। जबकि नियमानुसार ललित को ठेका नहीं मिल सकता था। शासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण जेपी सिंह ने इन मामलों में दोषी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए बदायूं और शाहजहांपुर के डीएम को पत्र लिखा है। इसमें अनिल कुमार पांडे और ललित कुमार पांडे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया है।