मध्य प्रदेश से पार्टी की केंद्रीय राजनीति में जाने पर उन्होंने कहा कि वहां नया नेतृत्व उभारना चाहिए। पार्टी ने उन्हें लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया। अब भी मुख्यमंत्री पद की बात करूं तो कोई तुक नहीं है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व जैसा तय करेगा वैसा करूंगा।
सपा व बसपा यूपी में तो जीत नहीं पाए मध्य प्रदेश में क्या करेंगे ?
शिवराज ने कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजे सपा, बसपा सहित कई दलों की आंखें खोलने वाले हैं। उत्तर प्रदेश में यादव, मुस्लिम और जाटव वोटों के गणित पर सपा-बसपा ने गठबंधन किया था। पर, जनता ने जातिवाद से ऊपर उठकर विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मतदान किया। बसपा अध्यक्ष मायावती ने खुद यह कहते हुए गठबंधन तोड़ दिया कि उन्हें सपा का वोट नहीं मिला। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनाव हार गईं, मुलायम सिंह यादव के भतीजे चुनाव हार गए। यूपी में तो जीत नहीं पाए, मध्यप्रदेश में क्या करेंगे?
शिवराज ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा को सर्वोच्च बनाने का लक्ष्य तय किया है। उधर, कोई पद छोड़कर भाग रहा है तो कोई केवल ट्वीट कर ही प्रसन्न हो रहा है। हारने वालों को होश ही नहीं है तो वे बचेंगे कहां?