प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा मंत्री से मांग की गई कि हर बिजली कंपनी में कम से कम एक-एक अनुसूचित जाति (एससी) और पिछड़े वर्ग के अभियंता को निदेशक के पद पर अवश्य रखा जाए, जिससे दोनों वर्गों के अभियंताओं का प्रतिनिधित्व बना रहे। सपा सरकार में बड़ी संख्या में एससी अभियंताओं व कार्मिकों की वरिष्ठता को रिवर्ट किया गया। आज उच्च पदों पर एससी अभियंता शून्य हैं।
वर्तमान में बिजली कंपनियों में निदेशकों के जिन 20 रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया चल रही है अगर उनकी अर्हता में बदलाव कर दिया जाए तो एससी व पिछड़े वर्ग के अभियंता भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही डीपीसी के बाद जिन अभियंताओं के लिफाफे बंद हैं उनके प्रकरणों का निस्तारण भी 15 दिन में अनिवार्य रूप से करवाया जाए जिससे उनकी पदोन्नति हो सके।
ऊर्जा मंत्री ने एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने एसोसिएशन के प्रस्ताव को कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेज दिया है। ऊर्जामंत्री ने पदाधिकारियों से कहा कि सब स्टेशनों पर उपभोक्ता सेवा को सुधार कर उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की सेवा प्रदान करें, जिससे आम जनमानस में अच्छा संदेश जाए। प्रतिनिधिमंडल में एसपी सिंह, योगेश कुमार, अनिल कुमार, आर.पी. केन तथा अजय कुमार शामिल थे।