लखनऊ। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश चन्द्रमोहन मिश्र ने साहूपुरी, चंदौली स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय कुमार गौड़ को प्रधानाध्यापक से पर्सनल लोन पास कराने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का दोषी ठहराया है। दोषी को चार साल की कैद और 90 हजार के जुर्माने से दंडित किया गया है।
कोर्ट में सीबीआई की ओर से बताया गया कि वादी और माध्यमिक विद्यालय, चंदौली के प्रधानाध्यापक राम आसरे ने 23 फरवरी 2018 को सीबीआई से शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक उनका वेतन खाता शहाबगंज, चंदौली के शाखा साहूपुरी स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। आगे कहा गया कि वादी अपने वेतन खाते पर 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेना चाहता था। इसके लिए वादी ने सारी औपचारिकताएं पूरी करते हुए संबंधित कागजात आरोपी शाखा प्रबंधक के पास जमा किए थे। कहा गया कि जब वादी अपना लोन पास कराने के लिए आरोपी शाखा प्रबंधक अजय कुमार गौड़ से मिला तो आरोपी ने लोन पास करने के लिए 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इस शिकायत पर 26 फरवरी 2018 को सीबीआई की ट्रैप टीम ने आरोपी को रिश्वत के 40 हजार रुपये लेते हुए बैंक से गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने मामले की विवेचना कर 27 अप्रैल 2018 को कोर्ट में आरोपी अजय कुमार गौड़ के खिलाफ चार्जशीट दायर की था।