सावन की शुरुआत मंगलवार से होने जा रही है। शहर के तमाम शिवालय रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे।
सावन लगने के साथ ही मंदिरों में शिवार्चन को भक्त जुटने लगेंगे, जो एक महीने तक बाबा को गंगाजल, बिल्वपत्र अर्पण कर मंगल कामनाएं करेंगे।
सावन की शुरुआत सोमवार से न होने के बावजूद शाम को शिवालयों में खूब रौनक रही। भक्तों की कतारें जगमगाते शिवालयों में अभिषेक और दर्शन को जुटे।
मनकामेश्वर मंदिर में सुबह से शाम तक भक्तों ने बाबा को बिल्व पत्र और गंगाजल के अलावा दुग्धाभिषेक कराया। महंत देव्या गिरि ने बताया कि सावन भर यहां अभिषेक और महाआरती होगी।
सावन के सोमवार पर भोर से कपाट खुलने के साथ रुद्राभिषेक और शृंगार होंगे। चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मंदिर में सावन से पहले ही भोले बाबा का शृंगार किया गया और पाठ शुरू हुए। पहले ही दिन यहां विजय प्रदोष मंडल के ब्राह्मणों ने रात्रि पाठ किया।
मंदिर समिति के मुताबिक सावन भर यहां बाबा की विशेष पूजा-अर्चना होगी। चौक रानी कटरा स्थित छोटे-बड़े शिवालों में भी सोमवार को साफ-सफाई जोरों पर रही।
वहीं, राजेंद्रनगर स्थित महाशिव मंदिर में भक्त सावन भर उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर बाबा का शृंगार देख सकेंगे। सोमवार को भक्त बाबा की दुर्लभ भस्म आरती के नजारे भी ले सकेंगे।
मंदिर समिति के सदस्य अतुल मिश्रा ने बताया कि सावन के दौरान मंदिर में भोर से रात 9 बजे तक अलग-अलग समय पर रुद्राभिषेक समेत पांच बड़े धार्मिक आयोजन होंगे।
इसके अलावा सावन के पहले सोमवार को भोर से पहले आधे घंटे तक चलने वाली भस्म आरती खास रहेगी। अंतिम सोमवार पर लगभग सौ भक्त एक साथ नारियल अभिषेक और दीपमाला आरती करेंगे।