गोसाईंगंज। सुल्तानपुर हाईवे पर गंगागंज में शनिवार तड़के हुए हादसे में चार श्रमिकों की मौत से बाराबंकी के गांवों में मातम पसर गया। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल समय पर मदद पहुंचने को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची।
गंगागंज निवासी मोहम्मद फहीम के मुताबिक, वह शनिवार तड़के दुकान के पास टहल रहे थे। हादसा होते ही वह पुलिस चौकी पहुंचे और सूचना दी। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर श्रमिकों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती तो घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
लोनी कटरा के मूर्तिहा निवासी रवि वर्मा घटनास्थल के पास स्थित पेट्रोल पंप पर सुरक्षा गार्ड हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर के नीचे दबा बलराम लगातार ‘मुझे बचा लो’ की गुहार लगा रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन ट्रैक्टर हिल तक नहीं सका।
हादसे की खबर घर पहुंचते ही बाराबंकी के गांवों में कोहराम मच गया। पीतांबर की पत्नी नीलम और तीन बच्चे अनिमेष, शांति व नीलेश हैं। वह बेटी शांति की शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे। संदीप के परिवार में पिता लल्लन और मां रामकली पिता हैं और आने वाले नवरात्र में उनकी गोदभराई होनी थी। पवन की छह माह की बेटी है और पत्नी कुसमा मूक-बधिर हैं। वहीं, रामकिशोर उर्फ बलराम की शादी की बात चल रही थी। परिवार में पिता रामसुरेश और मां बिंदिया देवी हैं।
पीतांबर, पवन, बलराम और संदीप की फाइल फोटो।
पीतांबर, पवन, बलराम और संदीप की फाइल फोटो।
पीतांबर, पवन, बलराम और संदीप की फाइल फोटो।