पिछले दिनों सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय के लेखा और ऑडिट विभाग की फाइलें जलकर राख हो गईं।
ऑडिट विभाग की फाइलें जलने की कुछ अधिक ही बू आती हुई लगी। अखबारों में भी खबरें आईं।
इसकी जांच के लिए जो टीम बनी, उस पर भी सवालिया निशान लगा। कहा तो यह भी जाता है कि यह महोदय सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय के बड़े महारथी हैं।
खुद के नाम पर सवालिया निशान लगता देख सफाई देते घूम रहे हैं। लोगों से कह रहे हैं कि लेखा विभाग का तो सब कुछ ऑनलाइन होता है, पर वे यह नहीं बता रहे हैं कि ऑडिट विभाग की फाइलें कितनी ऑनलाइन थीं।
यह भी कहने से नहीं चूक रहे हैं कि जांच रिपोर्ट में कुछ नहीं मिलेगा। वे कैसे इतने दावे के साथ यह बात कह रहे हैं, यह तो वही बता सकते हैं।
पर आजकल उनका यह डायलॉग अधिकतर कर्मचारियों की जुबान पर है कि अरे यार कुछ है ही नहीं।