लखनऊ की सरोजनीनगर सीट का चुनाव इस बार खासा रोचक है। यहां भाजपा की व्यूह रचना को भेदना सपा के लिए चुनौती है। इस हाईप्रोफाइल सीट पर भाजपा ने ईडी की नौकरी छोड़कर राजनीति में उतरे राजेश्वर सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, सपा ने उनके मुकाबले आईआईएम रिटर्न पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र को मैदान में उतारा है। इस सीट के इतिहास व वर्तमान में प्रत्याशियों के ऊंचे कद को देखते हुए सबकी निगाहें यहां के चुनाव पर हैं।
भाजपा से यहां पिछले 2017 के चुनाव में राज्य मंत्री स्वति सिंह ने जीत दर्ज की थी। बीते दिनों टिकट की दावेदारी को लेकर उनके पति भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह व उनके बीच उठे विवाद की चर्चाएं दूर तक रहीं। भाजपा ने तेज तर्रार अधिकारी रहे राजेश्वर सिंह को मैदान में उतारकर चुनाव को रोमांचक बना दिया। प्रत्याशी का इंतजार कर रही सपा ने राजेश्वर के आते ही जवाब में वर्ष 2012 में लखनऊ उत्तर सीट से जीते व सपा सरकार में मंत्री रहे अभिषेक मिश्र को प्रत्याशी बना दिया। ब्राह्मण बहुल सीट पर अभिषेक के उतरने से मुकाबला रोचक हुआ, लेकिन भाजपा ने सीट पर काबिज रहने के लिए जो व्यूह रचना की उससे सपा को शुरुआत में ही बगावत झेलनी पड़ी।
क्षेत्र में सपा का ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले पूर्व विधायक शारदा प्रताप शुक्ला ने नाराज होकर भाजपा ज्वाइन कर ली। यही नहीं टिकट के मजबूत दावेदार माने जा रहे बसपा छोड़कर सपा में आए शिवशंकर सिंह शंकरी ने भी कुछ दिन बाद सपा को झटका देते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। शुरुआती झटकों के बाद अब सपा उम्मीदवार अभिषेक मिश्र भाजपा से सीट छीनने के लिए जोड़तोड़ बैठा रहे हैं। वहीं बसपा ने यहां सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता जलीश खान को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने यहां से पिछली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 20607 वोट पाकर बेहतर प्रदर्शन करने वाले रुद्रदमन सिंह को मैदान में उतारा है। सामाजिक कार्यकर्ता रुद्रदमन के लिए कहा जा रहा है कि वह इस बार भी चुनावी गणित प्रभावित कर सकते हैं। इनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं।
मुकाबला भाजपा-सपा में
बंथरा के व्यवसायी शिवकुमार तिवारी कहते हैं कि इस बार यहां भाजपा व सपा में मुकाबला दिख रहा है। स्थानीय नेताओं के भाजपा में जाने से चुनाव रोचक है। प्रत्याशी के स्थानीय न होने और उससे मुलाकात न होने की शिकायतों पर मध्यस्थता कर रहे स्थानीय नेता हर समस्या पर खुद खड़े रहने का वायदा कर रहे हैं। आशियाना निवासी कीर्ति शर्मा कहती हैं कि इस बार चुनाव में धार्मिक आधार पर वोट पड़ेंगे। हरौनी निवासी दुर्गेश सिंह कहते हैं कि भाजपा व सपा में ही इस बार संघर्ष बताया जा रहा है। उनके यहां क्षेत्र में मेमू गाड़ी बंद होने से आवागमन प्रभावित होना और रेलवे स्टेशन का फ्लाईओवर न बनने से जाम रहना बड़ी समस्या है। हाइडिल सोसाइटी निवासी राहुल कहते हैं कि सपा, भाजपा में मुकाबला है, लेकिन कांग्रेस का प्रदर्शन भी अच्छा होगा। बाकी विकास व क्षेत्र के भविष्य के मुद्दे पर चुनाव होंगे।
जातिगत समीकरण
ब्राह्मण 1.10 लाख
क्षत्रिय 60,000
एससी 90 हजार
पिछड़ी जाति 80 हजार
मुस्लिम.. 30,000
यहां के मुद्दे
शहर के बाहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य। खराब सड़कों के साथ ही पेयजल, सीवर आदि समस्या दूर किया जाना। बेरोजगारी, महंगाई व छुट्टा जानवर।
कुल मतदाता- 557376
महिला- 257541
पुरुष- 299811
थर्ड जेंडर - 24
वर्ष 2017
स्वाति सिंह, भाजपा - 108506
अनुराग उर्फ अनुराग यादव, सपा - 74327
शिवशंकर सिंह उर्फ शंकरी सिंह, बसपा- 71791
रुद्रदमन सिंह, निर्दलीय- 20607