मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एनेक्सी में कहा कि तीन दिवसीय दौरे के दौरान हर टीम को एक जिले में कम से कम 24 घंटे रहना होगा। टीम का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ मंत्री को कम से कम दो जिलों का दौरा करना है। शेष मंत्री सुविधा के अनुसार एक-एक जिले की जिम्मेदारी दी जाएगी। मंत्री समूह मंडल के दौरे के दौरान बैठकों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करेंगे। पूर्व जनप्रतिनिधियों, भाजपा के पदाधिकारियों और विचार परिवार के संगठनों से भी संपर्क कर फीडबैक लेंगे।
- कानून-व्यवस्था व सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
- जन चौपाल लगाकर जनता की समस्याएं सुनेंगे। जिले की जनता से सीधा संवाद करेंगे।
- किसी एक विकास खंड और तहसील के औचक निरीक्षण करेंगे। दलित, मलिन बस्ती में सहभोज करेंगे।
- विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता को परखेंगे। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ महिला सुरक्षा, एससी-एसटी के प्रकरणों में अभियोजन स्वीकृति की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
- केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क करेंगे। पुलिस पेट्रोलिंग, बाल यौन अपराधों, व्यापरियों की समस्याओं, गैंगस्टर पर कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
- मंत्री समूहों के हर सदस्य को रात्रि विश्राम किसी जिले में सरकारी अतिथि गृह में ही करना होगा।
मंडल भ्रमण के लिए गठित मंत्री समूहों के अध्यक्ष
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की अध्यक्षता में गठित समूह को आगरा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को वाराणसी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को मेरठ, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को लखनऊ, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को मुरादाबाद, महिला कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्य को झांसी, गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी को अलीगढ़, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को चित्रकूट, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह को गोरखपुर, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी को बरेली, पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी को मिर्जापुर, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर को प्रयागराज, पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को कानपुर, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान को देवीपाटन, ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद शर्मा को अयोध्या, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय को सहारनपुर, प्रौद्योगिकी शिक्षा मंत्री आशीष पटेल को बस्ती और मत्स्य मंत्री संजय निषाद को आजमगढ़ मंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।