राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नेशनल सिल्क एक्सपो के नाम से चल रही नकली प्रदर्शनी में सिल्क के नाम पर सिंथेटिक कपड़े की साड़ियां बेची जा रही थीं। मामूली कीमत की इन साड़ियों के 40-50 हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे। सिल्क मार्क ऑर्गेनाइजेशन की टीम ने शनिवार को यहां छापा मारकर दो स्टॉलों हसन सिल्क साड़ीज व परफेक्ट हैंडलूम का माल जब्त किया।
आईजीपी में रेशम निदेशालय का सिल्क एक्सपो चल रहा है। इसमें देशभर से आए कारीगरों ने 50 से ज्यादा स्टॉल लगाए हैं। वहीं, प्रतिष्ठान की आर्ट गैलरी में नेशनल सिल्क एक्सपो नाम से नकली एक्सपो भी लगा हुआ है।
साड़ियों में सिंथेटिक कपड़ा मिला
केंद्रीय रेशम बोर्ड वस्त्र मंत्रालय की निगरानी टीम सिल्क मार्क ऑर्गेनाइजेशन ने यहां लगे 10 स्टॉलों की जांच शुरू की। इसमें पाया गया कि हसन सिल्क साड़ीज व परफेक्ट हैंडलूम के स्टॉल पर सिल्क मार्क का नकली लोगो लगाकर साड़ियां बेची जा रही थीं। केमिकल टेस्टिंग में भी इनकी साड़ियों में सिंथेटिक कपड़ा मिला।
बार कोड स्कैन कर ही करें खरीदारी
टीम ने लोगों से अपील की है कि हमेशा सिल्क मार्क लेबल व बार कोड स्कैन कर शुद्धता की जांच के बाद ही सिल्क के उत्पाद खरीदें। इसके साथ ही नकली एक्सपो से भी बचें।
ऐसे करें असली सिल्क की पहचान
सिल्क एक्सपो में केंद्रीय रेशम बोर्ड के स्टॉल पर वैज्ञानिक अमृत लायक ने बताया कि सिल्क की टेस्टिंग के लिए सबसे पहले एक लीटर पानी में पांच प्रतिशत हाईपोक्लोराइड मिलाकर घोल बनाते हैं। फिर सिल्क के कपड़े से एक धागा ताने का और एक बाने का निकालकर उसे इसमें डालते हैं। असली सिल्क पांच मिनट में घोल में घुल जाएगा, जबकि नकली सिल्क तैरता रहेगा। असली सिल्क के कपड़े को जलाने पर वह बाल की तरह गंध देगा।
नकली सिल्क बेचने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
रेशम निदेशालय के निदेशक सुनील वर्मा का कहना है कि आईजीपी के एल शेप लॉन में सिल्क एक्सपो लगाया गया है, जो 28 अक्तूबर तक चलेगा। यहां टेस्टिंग लैब भी है। सभी से अपील है कि यहां उत्पादों की जांच कराकर ही खरीदारी करें। शहर में विभिन्न नामों से लगाए गए सिल्क एक्सपो में खरीदारी से बचें। नकली सिल्क बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।