सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से शुक्रवार को कानपुर से अपहृत संजीत यादव के पिता चमन सिंह, मां कुसमा देवी और बहन रुचि यादव ने मुलाकात कर न्याय दिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के बजाय पुलिस उल्टे परिवारीजनों को ही परेशान कर रही है। इतनी बुरी सरकार दुबारा सत्ता में नहीं आनी चाहिए।
अखिलेश ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवार के साथ हैं। परिवार को न्याय मिलना चाहिए। सरकार इस परिवार को 50 लाख रुपये की मदद दे तथा परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी भी दे। उन्होंने समाजवादी पार्टी की तरफ से संवेदना स्वरूप 2 लाख रुपये परिवारीजनों को दिए। इससे पूर्व सपा की ओर से इस परिवार को 5 लाख रुपये की मदद दी जा चुकी है। परिवार के लोगों ने बताया कि अभी तक संजीत की लाश भी नहीं मिली है। पिता ने कहा, हम और क्या कर सकते हैं।
अमानवीयता, शव तक बरामद नहीं
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस को ऐसा व्यवहार करना चाहिए, जिससे पीड़ित परिवार उस पर भरोसा कर सके। पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह पूरे घटनाक्रम का पता लगाए और शव बरामद कर परिवार को सौंप दे। उन्होंने कहा कि यह कैसी अमानवीय सरकार है कि एक परिवार के नौजवान सदस्य की हत्या के बाद उसका शव तक नहीं बरामद किया जा सका। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश हत्या प्रदेश बन गया है। बलिया में पत्रकार रतन सिंह की हत्या हुई, महिला पीसीएस अधिकारी की मौत हुई। वाराणसी में दो लोगों को गोली मारी गई। बेखौफ अपराधी हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दे कर रहे हैं। सरकार इन पर नियंत्रण में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को संजीत यादव के केस का खुलासा करने के लिए विशेष टीम गठित की जाए। जनता के साथ न्याय हो, यह पुलिस और शासन का दायित्व है। जान-माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की होती है, लेकिन यहां तो लगता है प्रदेश बिना सरकार के चल रहा है।