एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 25 अप्रैल संजय शेरपुरिया को कानपुर सेंट्रल स्टेशन से पकड़ा था। पूछताछ करने के बाद विभूतिखंड थाने में उस पर धोखाधड़ी, जालसाजी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
महाठग संजय शेरपुरिया प्रकरण के मामले की केस डायरी एसटीएफ ने पुलिस से कब्जे में ले ली है। अब तक की गई विवेचना संबंधी साक्ष्याें का सत्यापन करना शुरू कर दिया। एसटीएफ आगे की विवेचना करने के लिए आरोपी को कस्टडी रिमांड पर ले सकती है। इसके पहले पुलिस ने संजय को छह दिन की रिमांड पर लिया था।
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एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 25 अप्रैल संजय शेरपुरिया को कानपुर सेंट्रल स्टेशन से पकड़ा था। पूछताछ करने के बाद विभूतिखंड थाने में उस पर धोखाधड़ी, जालसाजी व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। संजय पर मनी लांडि्रंग, टैक्स चोरी, नौकरी व स्वरोजगार के नाम पर ठगी व देश के शीर्ष नेताओं के साथ फोटो क्लिक करवाकर लोगों को झांसा देकर उनसे धन उगाही करने का आरोप है।
पुलिस ने संजय को जेल भेजा था। उसके बाद छह दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर संजय को पहले दिल्ली और फिर गुजरात ले गई थी। तमाम दस्तावेज पुलिस ने बरामद किए थे। रिमांड खत्म होने के बाद शासन के आदेश पर ये विवेचना एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ ने केस डायरी व अन्य सभी दस्तावेज पुलिस से ले लिए हैं। एसटीएफ की जांच में अब तेजी आएगी। सूत्रों ने बताया कि केस से संबंधित तमाम सवालों के जवाब मिलना व साक्ष्य जुटाना बाकी है। इसलिए अब एसटीएफ संजय शेरपुरिया को कस्टडी रिमांड पर ले सकती है।