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UP: सदन में गूंजा फूलन देवी की हत्या का मामला; 'सीबीआई जांच की मांग...', संजय निषाद बोले- घोषित हो आदर्श गांव

Tue, 04 Mar 2025 10:17 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सोमवार को बजट पर चर्चा के दौरान संजय निषाद ने कहा कि निषादों के मोहल्ले की बिजली व्यवस्था ग्राम प्रधानों ने अपने आसपास करा ली। उनके मोहल्ले की लाइटें कब्रिस्तान के आसपास लगवा दी गईं। 
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UP: सदन में गूंजा फूलन देवी की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ स्थित विधान परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान डॉ. संजय निषाद ने दस्यु फूलन देवी की हत्या की सीबीआई जांच की मांग उठा दी। उन्होंने सपा सदस्यों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए आपने जांच नहीं कराई लेकिन हम इसकी मांग करते हैं। 

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उन्होंने कहा कि जिस जमीन के लिए फूलन देवी ने इतना बड़ा कांड किया था, वो जमीन आज भी कब्जे में है। उन्होंने जमीन वापस दिलाने, फूलन की मां को पूर्व सांसद के तहत मिलने वाली सुविधाएं दिलाने और उसके गांव को आदर्श गांव घोषित करने की मांग की।

संजय निषाद ने कहा कि सपा सरकार ने मछुवा पद की भर्ती बंद कर उर्दू अनुवादक की भर्तियां कर दीं। इस पर दोनों पक्षों में नोंकझोक भी हुई। कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बजट का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें एआई सिटी, साइबर सिटी और सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए प्रावधान किया गया है।

एक्सप्रेसवे बने लेकिन गांव की सड़कें गड्ढायुक्त

बजट पर चर्चा के दौरान एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि एक्सप्रेस वे और चार लेन सड़कें तो बन रही हैं लेकिन गांव की सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाली सड़कों की वजन सहने की क्षमता आठ टन होती है। जबकि, उस पर डंफर से लेकर ट्रक तक गुजरते हैं, इसीलिए खस्ताहाल हो रही हैं। 
 

सहकारी समिति किसानों की जीवनरेखा है

इन सड़कों का स्तर बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि सहकारी समिति किसानों की जीवनरेखा है। पम्पिंग सेट पर 10 हजार सब्सिडी मिलती है, तब कीमत 20 हजार थी। आज सेट 40 से 50 हजार का है, इसलिए 10 हजार की राशि को बढ़ाया जाना चाहिए। 

सिद्धार्थनगर स्थित माधव त्रिपाठी मेडिकल कालेज में एक भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की तैनाती न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि संविदाकर्मचारियों को 18 से 20 हजार रुपये प्रति माह देने की बात कही जा रही है लेकिन शिक्षमित्रों को 10 हजार रुपये ही मिल रहे हैं। तदर्थ शिक्षकों को 25 से 30 हजार रुपये मानदेय की घोषणा का अनुपालन न होने का मुद्दा उठाया।
 
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वरिष्ठ सदस्य राज बहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि अस्पतालों की हालत सुधारी जाए। पीएचसी में आधे डाक्टर हैं। इस वजह से निजी क्षेत्र फल-फूल रहा है और गरीब लुट रहा है। बिच्छे लाल राम ने कहा कि किसान फार्मा रजिस्ट्री कराई जा रही है लेकिन किसानों के नाम पर मामूली अंतर की वजह से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

समय सीमा को लेकर फिर बहस

नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने एक बार फिर समयसीमा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का समय तय नहीं किया जा सकता। जबतक चाहे नेता प्रतिपक्ष सदन में बोल सकते हैं। इस पर अधिष्ठाता डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि आपको दो दिन में करीब 110 मिनट बोलने के लिए दिए गए। सभी सदस्यों को बोलने का अवसर मिलना चाहिए।

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