संजय निषाद ने कहा कि सपा सरकार ने मछुवा पद की भर्ती बंद कर उर्दू अनुवादक की भर्तियां कर दीं। इस पर दोनों पक्षों में नोंकझोक भी हुई। कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बजट का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें एआई सिटी, साइबर सिटी और सेंटर आफ एक्सीलेंस के लिए प्रावधान किया गया है।
एक्सप्रेसवे बने लेकिन गांव की सड़कें गड्ढायुक्त
बजट पर चर्चा के दौरान एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी ने कहा कि एक्सप्रेस वे और चार लेन सड़कें तो बन रही हैं लेकिन गांव की सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग से गांव को जोड़ने वाली सड़कों की वजन सहने की क्षमता आठ टन होती है। जबकि, उस पर डंफर से लेकर ट्रक तक गुजरते हैं, इसीलिए खस्ताहाल हो रही हैं।
वरिष्ठ सदस्य राज बहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि अस्पतालों की हालत सुधारी जाए। पीएचसी में आधे डाक्टर हैं। इस वजह से निजी क्षेत्र फल-फूल रहा है और गरीब लुट रहा है। बिच्छे लाल राम ने कहा कि किसान फार्मा रजिस्ट्री कराई जा रही है लेकिन किसानों के नाम पर मामूली अंतर की वजह से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
समय सीमा को लेकर फिर बहस
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने एक बार फिर समयसीमा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का समय तय नहीं किया जा सकता। जबतक चाहे नेता प्रतिपक्ष सदन में बोल सकते हैं। इस पर अधिष्ठाता डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि आपको दो दिन में करीब 110 मिनट बोलने के लिए दिए गए। सभी सदस्यों को बोलने का अवसर मिलना चाहिए।