इंदिरानगर बी-ब्लॉक में भूतनाथ मार्केट के पास रहने वाले संजय चौहान के पिता एनएस चौहान सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल रहे हैं। मां सरला चौहान हाउसवाइफ हैं। वे अपनी पत्नी अंजलि व बेटे यशवीर सिंह चौहान के साथ जामनगर में ही रहते थे। यशवीर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
उनकी पड़ोसी अजरा ने बताया कि संजय चार दिन पहले शनिवार को लखनऊ आए थे। माता-पिता के साथ एक दिन बिताने के बाद रविवार को लौट गए। मां से कहकर गए थे कि अबकी जल्दी लौटूंगा... पर, उनकी मौत की खबर आई। घर पहुंची वायुसेना के अफसरों की टीम ने जब उनकी मां को बेटे की मौत की सूचना दी तो बेसुध हो गईं। वायुसेना के अफसर उन्हें अपने साथ ले गए हैं।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके दोस्त व मेजर सुरेंद्र पूनिया ने लिखा कि संजय चाहते तो विमान से इजेक्ट होकर अपनी जान बचा सकते थे। पर, ऐसा करने से विमान गांव पर गिरता और कई लोगों की जान जा सकती थी। सबको बचाने के लिए संजय विमान से इजेक्ट नहीं हुए।