प्रदेश की 99 इकाइयों में सैनिटाइजर बनाया जा रहा है। इनमें से 40 नई इकाइयां हैं। मेडिकल उपकरण और दवाइयां बनाने वाली 412 इकाइयां भी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। वहीं, मेडिकल उपकरण और दवाइयां बनाने के लिए 61 नए ड्रग लाइसेंस दिए गए हैं। साथ ही 26533 इकाइयों ने 2 लाख 51 हजार 243 कार्मिकों को 323.19 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की समिति की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 4523 इकाइयां अपने परिसर में ही मजदूरों व कार्मिकों का भरण-पोषण कर रही हैं। 5123 इकाइयां चालू होने योग्य हैं, जिनमें से 4436 में उत्पादन हो रहा है। शेष इकाइयां शीघ्र चलाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम में 522 शिकायतें मिलीं, जिनमें से अधिकांश निस्तारित कर दी गई हैं। प्रदेश में 404 तेल मिलें, 221 दाल मिलें और 822 आटा मिलें चालू हैं। पीपीई किट तैयार करने वाली 58 में से 52 इकाइयां चालू हैं।