इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के चयन में राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पहले से ज्यादा दखलंदाजी रहेगी।
इसके संकेत संघ
की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में शुक्रवार को मिले। संघ सूत्रों के
अनुसार लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन करते समय विशेष सावधानी बरतने की
संघ की ओर से भाजपा को नसीहत दी गई है।
उम्रदराज प्रत्याशियों को लोकसभा
की बजाय राज्यसभा में भेजने की भी सलाह दी गई है। शुक्रवार
को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की भी बंद कमरे में संघ
प्रमुख मोहन राव भागवत से मुलाकात हुई।
सूत्रों की मानें तो लंबी मंत्रणा
में संघ प्रमुख ने जिताऊ और अनुभवी प्रत्याशियों को तरजीह देने की बात कही
है। खासकर युवाओं और महिलाओं को पहले से ज्यादा हिस्सेदारी पर भी चर्चा
हुई।
हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. वाजपेयी ने संघ प्रमुख से मुलाकात
के दौरान किसी भी राजनीतिक चर्चा से इनकार किया।
हां, उन्होंने यह जरूर कहा
कि निर्विवाद छवि वाले जिताऊ और अनुभवी युवाओं और महिलाओं को टिकट वितरण
में वरीयता दी जाएगी। बकौल वाजपेयी, मैं प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से नहीं,
बल्कि संघ के स्वयंसेवक की हैसियत से संघ प्रमुख से मिला।
कई विषयों पर उनसे चर्चा भी हुई मगर राजनीतिक विषय चर्चा से दूर रहे। वहीं,
संघ प्रमुख ने प्रांत प्रचारकों के साथ बैठक कर संघ द्वारा चलाए जा रहे
कार्यक्रमों पर सामूहिक चर्चा की।
पूर्वोत्तर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों
में चल रहे कार्यक्रमों को लक्ष्य तक पहुंचाने में आ रही कठिनाइयों के बारे
में भी स्वयंसेवकों से चर्चा की।
इस बैठक में कानपुर प्रांत के प्रचारक
आनंद कुमार, अवध प्रांत के प्रचारक संजय कुमार, काशी प्रांत के अभय कुमार
और गोरक्ष प्रांत के अनिल कुमार शामिल थे।
शाम को संघ की अखिल भारतीय
कार्यकारिणी के सदस्यों ने भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री राकेश जैन,
क्षेत्रीय संगठन मंत्री चंद्रेशखर, मनोज कांत और धर्मपाल के साथ अलग-अलग
विषयों पर मंत्रणा की।