मुजफ्फरनगर में दंगा भड़काने के आरोप में भाजपा विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा पर रासुका लगाने के मामले में प्रदेश सरकार को तगड़ा झटका लगा है।
एडवाइजरी बोर्ड ने बृहस्पतिवार को दोनों विधायकों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में निरुद्घ करने का पर्याप्त आधार नहीं पाया।
उसने दोनों पर रासुका लगाने की सहमति नहीं दी। एडवाइजरी बोर्ड की रिपोर्ट के बाद विधायकों से रासुका हटा ली गई है।
पढ़ें-अब फुल स्पीड में बढ़ेगा लखनऊ मेट्रो प्रोजेक्ट
डीएम मुजफ्फरनगर कौशलराज शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस उमानाथ सिंह की अध्यक्षता में एनएसए एडवाइजरी बोर्ड कर रहा था।
बोर्ड में सेवानिवृत्त जस्टिस खेमकरण और जस्टिस श्रीनाथ सहाय भी थे।
एडवाइजरी बोर्ड ने पहले नौ अक्तूबर और फिर 22 अक्तूबर को मुजफ्फरनगर के डीएम व एसएसपी और गिरफ्तार विधायकों को सुनवाई के लिए तलब किया था।
अधिकारियों ने विधायकों द्वारा दिए गए उत्तेजक व भड़काऊ बयान की सीडी भी बोर्ड में पेश की थी।
बोर्ड ने सभी पक्षों को सुनने के बाद माना कि दोनों पर रासुका लगाने का पर्याप्त आधार नहीं है। उसने जिला प्रशासन द्वारा रासुका लगाए जाने को सहमति नहीं दी।
बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट गृह सचिव और जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को भेज दी है।
लखनऊ की अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए क्लिक करें यहां