गंगा नदी की सफाई का दावा करने वाले नरेंद्र मोदी पहले साबरमती की सफाई करवाएं। ये कहना है सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप पांडेय का।
शनिवार को राजधानी में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा मोदी के दावे खोखले हैं।
पांडेय ने दावा किया कि मोदी या अरविंद केजरीवाल पहले व्यक्ति नहीं हैं जो गंगा सफाई की बात करते हैं, 1986 में राजीव गांधी ने इसकी शुरुआत की थी जो आज तक फलीभूत नहीं हो सकी है, जबकि वाराणसी के निकट मेहंदीगंज में लगे एक शीतल पेय कंपनी के प्लांट से अनियंत्रित ढंग से जल दोहन हो रहा है।
खुद किसानों और बुनकरों को पानी नहीं मिल रहा है। इस मुद्दे पर मोदी व केजरीवाल दोनों चुप हैं।
साबरमती नदी में 371 किमी की सफाई का दावा मोदी कर रहे हैं, लेकिन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार इसके पानी में क्लोरोफॉर्म और बीओडी का स्तर बहुत अधिक है।
सूख चुकी साबरमती में नर्मदा का पानी पहुंचाया जा रहा है ताकि वह साफ दिखे। अहमदाबाद का शहरी सीवेज और उद्योगों का प्रदूषित पानी वासणा के आगे ही छोड़ा जाता है।
इससे शहर के बाहर नदी में प्रदूषण का स्तर गंगा से कहीं अधिक हो चुका है।
पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश कुमार पांडेय ने राजधानी में गोमती के प्रदूषण का मुद्दा उठाया। कहा बसपा शासनकाल में गोमती रिवर फ्रंट बनाने का काम शुरू करवाया गया। लेकिन सरकार की अदूरदर्शिता से योजना फ्लाप हो गई।