लखनऊ। सिंचाई विभाग ने रविवार को लखीमपुर से शारदा नहर का पानी नहीं छोड़ा। ऐसे में अब राजधानी में तीसरे जलकल की कठौता झील तक 15 नवंबर तक नहर का पानी पहुंचने के आसार नहीं हैं।
उधर, झील में अब महज छह दिन का पानी बचा है। स्थिति यह हो गई है कि झील में बालू दिखने लगी है। यदि दो दिन में शारदा नहर का पानी नहीं छोड़ा गया तो इंदिरानगर और गोमतीनगर की करीब पांच लाख की आबादी को पानी का संकट झेलना पड़ेगा।
शारदा नहर को मरम्मत के काम के लिए 12 अक्तूबर को 28 दिन के लिए बंद किया गया था। इसके बाद 10 नंवबर को पानी छोड़ा जाना था, पर ऐसा नहीं किया गया। वहीं, लखीमपुर से झील तक पानी आने में तीन से चार दिन का समय लगता है। फिर पानी का लेवल बढ़ने में एक दिन लगता है। इसके बाद ही झील तक पानी पहुंच पाता है।
इस दौरान जब तक नहर बंद रहती है कठौता झील में जमा पानी से ही काम चलाया जाता है। जलकल के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने बताया झील में जमा पानी से करीब एक महीने तक ही काम चलाया जा सकता है। इस समय भरवारा झील से भी पानी लिया जा रहा है। ऐसे में करीब छह दिन का ही पानी बचा है। यदि सिंचाई विभाग देरी करेगा तो समस्या आएगी। सिंचाई विभाग से बात हो रही है। उनका कहना है कि 11 या 12 नवंबर को पानी छोड़ दिया जाएगा।