समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला संवाद
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमर उजाला संवाद का मंच सजा हुआ है। राजधानी के होटल द सेंट्रम में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' का आयोजन हो रहा है। आज इस कार्यक्रम का दूसरा दिन है। जहां राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
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बंगाल का चुनाव संपन्न हुआ है और यूपी के चुनाव पर असर पड़ेगा?
अमर उजाला लखनऊ संवाद में सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बगांल चुनाव पर कहा कि मैं सबसे पहले आपका धन्यवाद देता हूं, सैफ मेरे पहले बात कर रहे थे और सैफ के बाद आप सीधा बंगाल चले गए। शैफ जब उतरे थे तो पहले ये पूछते कि आपके इटालियन खाना अच्छा लगता है कि थाई खाना अच्छा लगता है, कि चाइनीज खाना अच्छा लगता है। बर्गर, पीजा क्या अच्छा लगता है।
'स्वर्णिम शताब्दी पर अमर उजाला को बधाई'
संवाद में पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि मैं बधाई देना चाहता हूं आपको स्वर्णिम शताब्दी की ओर आपके कदम बढ़ रहे हैं। मैं आपको बहुत शुभकामनाएं देना चाहता हूं और साथ ही साथ ये भी कहना चाहता हूं। सत्य का उजाला अमर रहे और जहां हम लोग सब लोग, जब इस कार्यक्रम में जहां पर 100 साल पूरे होंगे उस तरफ बढ़ रहे हैं। सच्चाई तो यह भी है कि अगर हम अपने दायित्व को न भूल और अपने दायित्व को 100 प्रतिशत पूरा करें। उस रास्ते पर चलते रहें, इधर हम देख रहे हैं कि पत्रकारिता की थोड़ी बहुत गिरावट हुई है। इससे हमें उम्मीद है कि हम सब लोग जगने और जगाने का काम करेंगे।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
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'नंगी रिवॉल्वर महिलाओं पर तानी'
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बंगाल में जो हुआ वो कभी यूपी में भी हुआ था। बंगाल में जो दोहराया गया वो यूपी में भी दोहराया गया। मैं उन तमाम अखबार तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने वो तस्वीर छापी थी कि पुलिस का अधिकारी नंगी रिवॉल्वर लेकर महिलाओं को रोक रहा था और कह रहा था कि वोट नहीं डाले जा सकते हैं। मैं उन महिलाओं का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने परवाह नहीं कि उस अधिकारी की, रिवॉल्वर की और गोलियों की। उन्होंने कहा कि आज मतदान है और हम मतदान करने जाएंगे। हमसे बेहतर तो आप जातने होंगे, क्योंकि आपका और पाठक का संबंध बहुत गहरा है। आप जो लिखेंगे अखबार में वहीं पाठक पढ़ेगा और जो ट्रायल किया था यूपी में वो ग्राफ लेकर नहीं आया मैं, हालांकि मेरे मोबाइल में है वो ग्राफ कि कभी भी हमारे विरोधी दल को इतना वोट नहीं मिला उन विधानसभाओं में। जहां वो एक लाख चालीस हजार से जीत गए। पुलिस के लोगों ने वोट डाला, वर्दी उतारी हुई थी उन्होंने, प्राइवेट ड्रेस में वोट डाला उन्होंने।
'अयोध्या की हार बीजेपी की बड़ी हार'
अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या की हार बीजेपी की बड़ी हार है और वो इसे भूल नहीं पा रहे हैं। यूपी की हार तो है ही लेकिन अयोध्या की भी हार हुई उसकी वजह से उन लोगों ने मन बनाया हुआ था कि भारतीय जनता पार्टी को जिताएंगे और समाजवादी पार्टी को हटाएंगे। एक एक आदमी ने छह छह वोट डाले, लोग पकड़े गए। उनसे जब पूछा गया कि कितने वोट डालकर आ रहे हो तो उन्होंने बताया कि हम 6 वोट डालकर आ रहे हैं। मंत्री जी के खासमखास लोग पकड़े गए।
'एक संस्कृति और भी बनी है, नाम बदलने की'
सपा प्रमुख ने संवाद के मंच से कहा कि पुलिस के अधिकारियों को पोस्टिंग दी गई कि आपका केस खत्म हो जाएगा। बस आप चुनाव जिता दो। यह बात मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं, आपके पाठक भी जितना निष्पक्ष सत्यता के साथ, हालांकि लखनऊ में जहां आपने कहा कि लखनऊ में आप आए यहां का एक शिष्टाचार, एक अदब और एक संस्कृति है। लेकिन अभी एक संस्कृति और भी बनी है, नाम बदलने की। पत्रकारिता का भी नाम बदल देना चाहिए और सत्यकारिता हो जाना चाहिए। इसके साथ ही निष्पक्षता जुड़ जाए। पत्रकारिता, सत्यकारिता और निष्पक्षता जुड़ेगे तो हमारे लोकतंत्र के और कल्याणकारी जो सरकार की योजनाएं वो और मतबूत होंगी।
सीएम के सड़क पर नमाज वाले बयान पर बोले अखिलेश?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी के बयान पर कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए, क्या नहीं होना चाहिए, इसके नियम हैं। पॉलिटिकल स्कोरिंग नहीं होनी चाहिए। सबसे अधर्मी पार्टी कोई है, तो भाजपा है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि जहां तक सड़क की बात है, तो हम चाहते हैं कि सड़कें और चौड़ी हों। वो इसलिए यह मुद्दा उठा रहे हैं, ताकि बहस दूसरी तरफ चली जाए। हमारी बहस मुद्दों पर न रहकर दूसरे विषयों पर चली जाए। कौन सड़क पर नमाज पढ़ रहा है? और अगर पढ़ भी रहा है, अगर जगह कम है तो क्या दिक्कत है? वो चाहते हैं कि हम दूसरी तरफ उलझ जाएं, लेकिन हम लोगों ने भी भाजपा से सीखा है। हम इनकी बातों में नहीं उलझेंगे। हम पहले पूछेंगे कि नीट का क्या हुआ, यह बताओ। 69 हजार लोगों का जो आरक्षण लूटा है, उस बारे में पूछेंगे।
नीट एग्जाम को लेकर अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने नीट को लेकर कहा कि नीट के एग्जाम को तो लीक एग्जाम लिख देने चाहिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार में। क्या वो नीट के छात्र को भूल जाओगे। यूपी में हर साल चार लाख बच्चे नीट की परीक्षा देते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि क्यों मंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए, प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए था। मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगना चाहिए था। हमारे मुख्यमंत्री जी आए क्यों नहीं इस्तीफा देकर गए। क्यों नीट की बात नहीं की उन्होंने।
'सपा की वजह से आज मिल रही यूपी को बिजली'
अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली बनाई किसने है, सवाल ये है। जितने भी बिजली के कारखाने समाजवादी पार्टी की सरकार में लगे थे उसी की वजह से यूपी को बिजली मिल रही है। सबसे बड़ी ट्रांसमिशन लाइन समाजवादी पार्टी की सरकार में बिछी थी। ट्रांसमिशन के बाद सबसे बेहतर बिजली डिस्ट्रीब्यूशन समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ। उसी का परिणाम है कि बिजली मिल रही है, लेकिन बिजली कितनी महंगी मिल रही है ये तो बताओ।
'हमें मुगल-ए-आजम पसंद है, विरोधी इसी से परेशान हैं'
जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि आपको कौन सा खाना पसंद है तो उन्होंने कहा कि मुझे सभी खाना पसंद है। लेकिन आज मंगलवार है तो मैं भंडारा खाऊंगा, फिर पूछा कौन सी फिल्म और अभिनेता पसंद है तो उन्होंने कहा कि मुझे एक रशियन फिल्म बिहाइंड एनिमी लाइन्स पसंद है और जब भारतीय अभिनेता और अभिनेत्री के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे पुष्पक फिल्म कमल हासन की बहुत पसंद है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि हमनें मुगल-ए-आजम फिल्म न जाने कितनी बार देखी है। विरोधी लोग इसी बात से परेशान हैं कि हम मुगल-ए-आजम क्यों देख रहे हैं। किताब रवींद्रनाथ टैगोर की पढ़ते हैं। विदेश घूमने पर कहा कि हम विदेश घूमेंगे। बातचीत में तंज कसते हुए कहा कि आखिर विदेश क्यों न घूमें। यहां सारा सामना विदेशी इस्तेमाल हो रहा है। आखिरी सवाल पूछा कि आप समय में पीछे जाना चाहें तो आप क्या बदलना चाहेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर इतने दूर भेज रहे हो तो महाभारत काल में भेज दो हमें। कुरूक्षेत्र में भेज दीजिए।
सबसे अधर्मी भाजपा है: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि नमाज के सवाल पर कहा कि वो इसलिए कह रहे हैं कि हमारी बहस दूसरी तरफ चली जाए। हमारी बहस दूसरे मुद्दों पर चली जाए। कौन नमाज पढ़ रहा सड़क पर? अब तो कोई नहीं पढ़ रहा है। जब पढ़ भी रहा है तो जगह कम है तो क्या दिक्कत है। वो ये चाहते हैं कि हम उस बहस में उलझ जाएं।