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Samwad 2026 Day 2: अखिलेश यादव बोले- नीट पर इस्तीफा दें पीएम, वरुण धवन बोले- सबसे सुंदर लड़कियां लखनऊ की

Tue, 19 May 2026 08:37 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल से बातचीत के साथ हुई। दूसरे दिन के सत्रों में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ ही अभिनेता वरुण धवन ने भी अमर उजाला के मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके साथ ही एआई सहित कई अन्य बेहद जरूरी मुद्दों पर चर्चा हुई। देखें सभी अपडेट्स: 
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अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन मौजूद रहीं ये शख्सियतें। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की बातचीत के साथ हुई। उन्होंने कहा कि भारत आज 2047 का विकसित भारत बनने के लिए संकल्पित है। मशहूर सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि नमक बिना सबकुछ अधूरा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सवालों के जवाब दिए। आइए देखें, अमर उजाला संवाद 2026 के दूसरे दिन की झलकियां: 

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अमर उजाला के संपादक विजय त्रिपाठी ने कहा कि आपका अमर उजाला के संवाद के दूसरे दिन में आपका स्वागत है। कल हमने कल विशिष्ट लोगों के विचार सुने इनमें मुख्यमंत्री जी भी शामिल थे। हमने प्रदेश के विकास पर बात की है। आंकड़े इस बात का गवाह है कि हमारा प्रदेश सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। देश की हमारी तीसरी अर्थव्यवस्था है। हमारी प्रगति जगजाहिर है। अनुप्रिया जी की वजह है केंद्र में प्रदेश को वाजिब हिस्सेदारी मिल पाती है। ऐसे विशेष अवसर पर आपकी उपस्थिति हमारे हौसले बढ़ाएंगे। आप महिला सशक्तीकरण का एक चेहरा भी है। अमर उजाला परिवार आपका स्वागत और अभिनंदन करता है। 

अनुप्रिया पटेल बोलीं - यूपी बीमारू राज्य से बाहर निकल रहा है

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सभी का अभिवादन करती हूं। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अमर उजाला का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रति वर्ष संवाद का यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।  मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश में भी इस बार फिर से अमर उजाला संवाद के माध्यम से राज्य की प्रगति पर चर्चा की जा रही है और जब राज्य की प्रगति की हम बात करते हैं सबसे हमने देश के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया है हम यह सोचते हैं।

'भारत आज 2047 का विकसित भारत बनने के लिए संकल्पित है'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज 2047 का विकसित भारत बनने के लिए संकल्पित है।  उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। देश की आबादी आज 140 करोड़ से अधिक है और यूपी की आबादी लगभग 25 करोड़ है। उत्तर प्रदेश जैसा राज्य जब तक विकास की रफ्तार नहीं पकड़ता। तब तक 2047 के विकसित भारत का संकल्प पूरा नहीं हो सकता। हम सबके लिए प्रशन्नता का विषय है कि विकसित उत्तर प्रदेश से विकसित भारत का संकल्प निरंतर आज प्रदेश सरकार के मुखिया और एनडीए सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ रहा है।

'भारत सरकार ने स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बहुत ही महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है'
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत की सरकार ने स्वास्थ्य की दृष्टि से एक बहुत ही महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और ये आप कई जगह पढ़ते और सुनते होंगे। यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज मतलब देश के एक एक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्ता युक्त स्वास्थय सेवा सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित हैं। निवर्सल हेल्थ कवरेज की बात कोई नई भी नहीं है। हम वर्षों से सुन रहे हैं लेकिन सही मायनों में इसे धरातल पर उतारने का काम हमारी सरकार ने नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रारंभ किया है।

'नमक सही मात्रा में हो, तो बाकी सारी जायकों को बेहतर कर देता है'

हरपाल सिंह सोखी - फोटो : amar ujala
स्वाद और सफलता का तड़का सत्र में मशहूर सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अनोखे अंदाज में जिंदगी के संघर्षों, सपनों और कामयाबी के सफर को साझा किया। ‘स्वाद और सफलता का तड़का’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने सबसे पहले अपनी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया।  उन्होंने कहा कि नमक-शमक प्रबंधन का सबक बन गया है। जब तक हम दबाव में नहीं आते, अच्छे विचार नहीं निकल पाते। हमारे शो के एक निर्देशक थे। उन्होंने कहा कि लोग मरने के बाद हमें कैसे याद रखेंगे? हमने कहा कि जीते-जी लोग याद रख लें, यह काफी है।

हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि शूटिंग बंद होने के बाद बेटी को बताया कि निर्देशक ने यह बात कही थी। बेटी सत्याग्रह पर एक किताब पढ़ रही थी। उससे एहसास हुआ कि नमक सत्याग्रह से जो आंदोलन शुरू हुआ, वह आजादी के प्रयासों के लिए बहुत महत्वपूर्ण था। सारे बड़े नेता तब बड़े काम करना चाहते थे। गांधीजी ने सबसे छोटी चीज यानी नमक को आंदोलन के लिए चुना। उसे फिर हमने खाने से जोड़ा। नमक सही मात्रा में हो, तो बाकी सारी जायकों को बेहतर कर देता है।

हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि यहीं से विचार आया। नमक बहुत बढ़िया चीज है। पंजाबी हैं, तो नमक-शमक जुबान पर आ गया। यह यूरेका मोमेंट था। फिर इसे जिंगल के रूप में गाना शुरू किया। आज से 15 साल पहले यह वायरल हो गया। कम से कम सौ वर्षों के लिए यह किचन में खुशियां बिखेरते रहेगा।

'होटल मैनेजमेंट में बहुत सारे विषय होते हैं'
हरपाल सिंह सोखी ने आगे कहा कि होटल मैनेजमेंट में बहुत सारे विषय होते हैं। तब साइंस के स्टूडेंट होने के नाते लगता था कि इतने सारे विषयों की क्या जरूरत है। आज बतौर उद्यमी लगता है कि कानून या अकाउंटिंग ठीक से पढ़ा होता, तो अपना हिसाब-किताब बेहतर ढंग से समझ लेता।

महिलाओं को वोट नहीं डालने दिया गया उनके साहस का सम्मान करते है

Samwad 2026: बेबाक बोले अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव ने स्वर्णिम शताब्दी की ओर बढ़ रहे अमर उजाला को बधाई दी और पश्चिम बंगाल चुनाव से अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि बंगाल में जो हुआ वो कभी यूपी में भी हुआ था। बंगाल में जो दोहराया गया वो यूपी में भी दोहराया गया। मैं उन तमाम अखबार तमाम डिजिटल प्लेटफॉर्म का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने वो तस्वीर छापी थी कि पुलिस का अधिकारी नंगी रिवॉल्वर लेकर महिलाओं को रोक रहा था और कह रहा था कि वोट नहीं डाले जा सकते हैं। मैं उन महिलाओं का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने परवाह नहीं कि उस अधिकारी की, रिवॉल्वर की और गोलियों की। उन्होंने कहा कि आज मतदान है और हम मतदान करने जाएंगे। हमसे बेहतर तो आप जातने होंगे, क्योंकि आपका और पाठक का संबंध बहुत गहरा है।

अखिलेश यादव ने कहा कि आप जो लिखेंगे अखबार में वही पाठक पढ़ेगा और जो ट्रायल किया था यूपी में वो ग्राफ लेकर नहीं आया मैं, हालांकि मेरे मोबाइल में है वो ग्राफ कि कभी भी हमारे विरोधी दल को इतना वोट नहीं मिला उन विधानसभाओं में। जहां वो एक लाख चालीस हजार से जीत गए। पुलिस के लोगों ने वोट डाला, वर्दी उतारी हुई थी उन्होंने, प्राइवेट ड्रेस में वोट डाला उन्होंने। अयोध्या की हार भाजपा की बड़ी हार है और वो इसे भूल नहीं पा रहे हैं। यूपी की हार तो है ही लेकिन अयोध्या की भी हार हुई उसकी वजह से उन लोगों ने मन बनाया हुआ था कि भारतीय जनता पार्टी को जिताएंगे और समाजवादी पार्टी को हटाएंगे। एक-एक आदमी ने छह छह वोट डाले, लोग पकड़े गए। उनसे जब पूछा गया कि कितने वोट डालकर आ रहे हो तो उन्होंने बताया कि हम 6 वोट डालकर आ रहे हैं। मंत्री जी के खासमखास लोग पकड़े गए।

पुलिस के अधिकारियों को पोस्टिंग दी गई कि आपका केस खत्म हो जाएगा बस आप चुनाव जिता दो। यह बात मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं, आपके पाठक भी जाने जितना निष्पक्ष सत्यता  के साथ, हालांकि लखनऊ में जहां आपने कहा कि लखनऊ में आप आए यहां का एक शिष्टाचार, एक अदब और एक संस्कृति है। लेकिन अभी एक संस्कृति और भी बनी है, नाम बदलने की। पत्रकारिता का भी नाम बदल देना चाहिए और सत्यकारिता हो जाना चाहिए। इसके साथ ही निष्पक्षता जुड़ जाए। पत्रकारिता, सत्यकारिता और निष्पक्षता जुड़ेगे तो हमारे लोकतंत्र के और कल्याणकारी जो सरकार की योजनाएं वो और मतबूत होंगी।

विपक्ष इस बार महंगाई है: अखिलेश यादव
सवाल- मैं आपसे ये जानना चाहता हूं कि जो परिणाम आए उसके बाद विपक्ष का क्या है, क्योंकि गठबंधन बनाकर भी विपक्ष का कोई सर्वमान्य चेहरा नहीं हैं, जो समूचे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करे ? क्या अब वो चेहरा ममना बनर्जीं होंगी या अखिलेश यादव होंगे? या राहुल गांधी? क्योंकि अभी विपक्ष बिखरा हुआ लगता है।

जवाब-
हमें उम्मीद है कि सत्यकारिता के साथ, निष्पक्ष हमारे पाठकों के पास जाएगा। जो आपने सवाल पूछा है कि विपक्ष कौन है?  विपक्ष इस बार महंगाई है, विपक्ष इस बार डीजल है। विपक्ष इस बार पेट्रोल है, विपक्ष इस बार गैस का लाल सिलेंडर है, विपक्ष इस बार अग्निवीर वाले नौजवान हैं, विपक्ष इस बार किसान जो दुखी हो रहा है वो है। विपक्ष वो मजदूर है जिसने लाठी खाई और विपक्ष इस बार वो भी है जो लखनऊ में 69000 शिक्षकों की भर्ती को लेकर एक बार नहीं बार बार आए हैं। विपक्ष इसके बाद शिक्षा मित्र भी हैं। विपक्ष इसके बाद वो लोग भी हैं जिनके साथ अन्याय हुआ है।

अखिलेश यादव बोले- भाजपा सबसे अधर्मी पार्टी है
अखिलेश यादव ने कहा कि नमाज के सवाल पर कहा कि वो इसलिए कह रहे हैं कि हमारी बहस दूसरी तरफ चली जाए। हमारी बहस दूसरे मुद्दों पर चली जाए। कौन नमाज पढ़ रहा सड़क पर? अब तो कोई नहीं पढ़ रहा है। जब पढ़ भी रहा है तो जगह कम है तो क्या दिक्कत है। वो ये चाहते हैं कि हम उस बहस में उलझ जाएं।

एआई: स्मार्ट शिक्षा, इंटेलिसजेंट कैंपस परिसर सत्र

अमर उजाला संवाद 2026 - फोटो : अमर उजाला
एआई: स्मार्ट शिक्षा, इंटेलिसजेंट कैंपस परिसर सत्र में प्रोफेसर, जेपी पांडेय वाइस चांसलर एकेटीयू, डॉक्टर जयश्री पेरीवाल, फाउंडर और चेयरमैन जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स और प्रोफेसर मनोज कपिल, डीन शुभारती यूनिवर्सिटी ने अपनी बात रखी।

'हम लोग इसे एक चैलेंज की तरह ले रहे हैं'
एपी गुप्ता निर्देशक आईआई एम लखनऊ ने कहा कि हम लोग इसे एक चैलेंज की तरह ले रहे हैं। क्योंकि अगर आप 30 साल पहले जाइए, तो जब भारत में कंप्यूटर आया था तो भारत में उस समय भी ऐसी की स्थितियां थीं। तमाम इस तरह का शोर था कि कंप्यूटर आ गया है अब सारी नौकरी चली जाएंगी। लोगों का प्लेसमेंट बंद हो जाएंगे। उस समय हम स्टूडेंट थे। हम लोगों को भी चिंता था। लेकिन आप देखिए कि उल्टा ये हुआ कि हम लोगों ने कंप्यूटर को इस तरह से अडॉप्ट किया कि एक तरह से कंप्यूटर सर्विस सेक्टर की हम एक तरह से वर्ल्ड पावर की तौर पर हैं।

एआई बहुत जरूरी है, अगर आप उसे नहीं अपाएंगे तो पीछे रह जाएंगे: जयश्री पेरीवाल
जयश्री पेरीवाल ने कहा कि एआई बहुत जरूरी है, अगर आप उसे नहीं अपाएंगे तो पीछे रह जाएंगे। वरना हम डायनासोर की तरह हो जाएंगे और धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएंगे , लेकिन इसे कैसे अपनाना है यह विवेक का विषय है।

उन्होंने कहा कि चाहे वो स्कूल हो या कॉलेज हो, डॉक्टर हो या टीचर हो, हर को जिंदगी में जब बदलाव आता है तो उसे अपनाना चाहिए, वरना हम डायनासोर की तरह हो जाएंगे और धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएंगे, लेकिन आप उसको किस तरह से अपनाते हैं, यह एक विवेक का मामला है। मेरा मानना है कि हमें बच्चों को एआई से सशक्त बनाना चाहिए, लेकिन यह एक दोधारी तलवार है। हालांकि इसे कैसे अपनाना और उपयोग करना है, यह विवेक और समझ का विषय है। एआई इज नॉट रिप्लेसिंग टीचर, इट इज ओनली असिस्ट टीचर। 

एआई के सफर को 70 साल हो चुके हैं: मनोज कपिल
शुभारती यूनिवर्सिटी के डीन प्रोफेसर मनोज कपिल ने कहा देखिए सर्वप्रथम तो पहले मैं ये बताना चाहूंगा कि एआई नया नहीं है, एआई का जन्म जो है वो अमर उजाला से आठ साल बाद हुआ था। 1956 में एआई की टर्म को दुनिया में बताया गया कि एआई नाम की कोई चीज है। एआई के सफर को 70 साल हो चुके हैं।  ये कोई नया फील्ड तो है नहीं, पर पिछले 2022 में जनरेटिव एआई का अविष्कार हुआ। पहले जो एआई था वो खाली एनालिसिस करता था। 2022 में जो एआई आया है वो कंटेंट क्रिएट कर रहा है। 

पिछले तीन साल से एआई का इतना हल्ला है। नेचुरली यूनिवर्सिटीरज़ के सामने चिंता है। पैरेंट्स चाहते हैं कि हमारे बच्चे कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई करें। लेकिन यह समझने की बात है कि एआई सिर्फ टेक्नोलॉजी को ही एफेक्ट नहीं कर रहा है। हम इसको काउंटर करने की कोशिश कर कर रहे हैं कि इंजीनियरिंग के अलावा बाकी सभी क्षेत्रों में भी एआई शिक्षित किया जा सके। 

'एआई एक बहुत गंभीर टेक्नोलॉजी है'
प्रोफेसर मनमोहन प्रसाद गुप्ता आईआईएम डायरेक्टर ने कहा कि एआई एक बहुत गंभीर टेक्नोलॉजी है। एआई एक सीरियस टेक्नोलॉजी है। जिस प्रकार के बदलाव होने वाले हैं, अभी दिख रहे हैं। आगे जो समय आने वाला है, उसकी कल्पना हमें किसी को नहीं है। प्रयास ये है कि हम उसके लिए तैयार कैसे हों।

जिसकी जहां जरूरत, उसको वहां प्रयोग करो: अंकुश सभरवाल
एआई और नए भारत सत्र में भारत GPT के संस्थापक एवं सीईओ अंकुश सभरवाल अपनी बात रख रहे हैं।  अंकुश सभरवाल ने कहा कि जिसकी जहां जरूरत है, उसे वहां यूज करो।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- यूपी में हमारे आगे कोई चुनौती नहीं

केशव प्रसाद मौर्य, उप-मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश - फोटो : Amar Ujala Graphics
उभरता उत्तर प्रदेश: विकास और सुशासन सत्र में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देखिए सबसे बड़ी जो ताकत हमारी है, हमारे संगठित कार्यकर्ताओं की बूथ स्तर तक समर्पित संरचना है। हमारे कार्यकर्ता का एक ही लक्ष्य रहता है कि मेरा बूथ सबसे मजबूत और इस संकल्प के साथ हमारा जो अभियान शुरू होता है तो वह अभियान सिर्फ इस सीमा तक नहीं रहता है कि हमने कोई बैठक कर लिया या सम्मेलन कर लिया या मन की बात सुन ली। बल्कि हर परिवार से कैसे संपर्क हो और किस परिवार में कौन मतदाता, हर हाल में और किसी भी परिस्थिति में मजबूती के साथ खड़े रहेंगे। और कौन ऐसे हैं जो नहीं खड़े रहेंगे। उन सब से संपर्क कर हमारा एक ही लक्ष्य रहता है कि हमारा बूथ सबसे मजबूत यह हमारी ताकत है, जिसके पास बूथ स्तर तक संगठन की ताकत है तो बूथ जीता तो विधानसभा जीता तो उत्तर प्रदेश जीता। उत्तर प्रदेश जीता तो सरकार बनाई।

'दिल्ली प्रदेश 27 साल बाद जीत लिया'
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि तनाव का ऐसा कोई विषय हमारे ध्यान में नहीं आता है। लगातार 2024 के जो चुनाव में विपक्ष के हमारे लिए एक दुष्प्रचार किया, संविधान खत्म कर देने का आरोप लगाया। आरक्षण खत्म कर देंगे ऐसा प्रचार किया। इसके कारण उनकी सीटें उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में कुछ बढ़ गईं। लेकिन जैसे ही हमारे नंबर देश की दृष्टि से और उत्तर प्रदेश की दृष्टि से घटे, उसके तत्काल बाद 2024 में ही हरियाणा विधानसभा का चुनाव हुआ और उस चुनाव को बहुत बड़े बहुमत के साथ हमने जीता। तनाव जो था वो खत्म हो गया वहीं से फिर महाराष्ट्र जीता तीन चौथाई बहुमत से और एकदम स्मूथ हो गए। फिर इसके बाद दिल्ली प्रदेश 27 साल बाद जीत लिया और अनुकूलता हम लोगों को महसूस हुई। इसके बाद बिहार हम लोगों ने जीता तो उसके कारण और अनुकूलता हुई और अभी तो पश्चिम बंगाल जीत लिया है तो तनाव का तो कोई रास्ता ही बचता नहीं हैं।

'अखिलेश यादव बहुत विफल मुख्यमंत्री रहे है'
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा हम सात राज्यों में लगातार विजय प्राप्त कर चुके हैं। सात राज्यों में लगातार विजय प्राप्त करने के बाद ये कह सकते हैं कि जैन-जी तो भाजपा के साथ है। अखिलेश यादव को लेकर डिप्टी सीएम ने कहा कि अखिलेश यादव बहुत विफल मुख्यमंत्री रहे हैं, वो सफल कभी नहीं हो पाएंगे।

हमारी विजय यात्रा चल रही
मौर्य ने कहा कि असम में भी और पुडुचेरी में भी हमारी सरकार बन गई है। हमारी विजय यात्रा चल रही है लेकिन परिश्रम में कोई कमी नहीं है जो लक्ष्य सिद्धी के लिए कि देश के 80 प्रतिशत भूभाग पर आज भाजपा और एनडीए सत्ता में है जो 20 प्रतिशत बचा है उसमें से कुछ भाग हम लोगों को उम्मीद है कि अभी 2027 के जब विधानसभा चुनाव होंगे यूपी और उत्तराखंड तो हमारा है लेकिन इस बार लग रहा है कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश भी हमारा हो जाएगा। तो भू भाग जो अभी 80 प्रतिशत है वो 90 प्रतिशत हो जाएगा।

मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर बोले केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं, व्यक्ति नहीं चुनता है हमारे यहां। पार्टी ही तय करती है। ऐसा मौका पार्टी देती ही नहीं है तो ऐसे काल्पनिक सवाल का जवाब कोई कैसे दे सकता है? उन्होंने कहा कि जब पार्टी और विधायक दल चाहता है तब देख सकते हैं। मुख्यमंत्री या कुछ भी बनने के लिए अगर राजनीति में हैं तो कुछ बनाने की अगर बात आएगी तो जरूर बनना चाहेंगे। लेकिन ऐसा पार्टी हमारी तय करती है। विधानसभा में जो चुनकर आते हैं, वो विधानमंडल दल के सदस्य तय करते हैं।

सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिया बयान

अमर उजाला संवाद के मंच पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक। - फोटो : amar ujala
सुशासन से विकास के सत्र में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि मैं आपकी बात को थोड़ा विस्तार से बताता हूं, इंटायर स्टेट को मैं आपके मंच से संबोधित कर रहा हूं। भंडारे में कहीं सड़क जाम न हो यह हमारी जिम्मेदारी है, यातायात सुविधाजनक तरीके से चले, आवागमन में किसी को समस्या न हो हम सुनिश्चित करते हैं। इसके साथ ही भंडारे के बाद कहीं कोई गंदगी न हो इसको भी हम सुनिश्चित करते हैं। क्या ऐसा नवाज में होती है?

सवाल- मेरा कहना है कि एक लोकतांत्रिक देश में अगर सड़कों के नियम सभी के लिए हैं तो बहुसंख्यक होने का फायदा आपको क्यों मिले? 

जो नियम है वो सभी के लिए बराबर है, कोई ऐसा एक उदाहरण आप बताइए कि सड़क रोककर भंडारा किया गया है, पूरे प्रदेश में कोई एक ही बता दीजिए।

सवाल- जब कांवड़ यात्रा होती है, तो पूरी की पूरी सड़क अलग कर दी जाती है, उन पर फूल बरसाए जाते हैं?

कावड़ यात्रा के बारे में आपने सवाल उठाया। कावड़ यात्रा 2017 से शुरू हुई है क्या? आप बताओ से सदियों से चली आ रही है, तो तब भी यही होता था जो आज हो रहा है। पुछिए जरा वहां के लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से जो आज हो रहा है वो पहले भी होता था। हमने तो इसे सुविधाजनक किया है, सड़कों के गढ्ढे भर दिए गए हैं, प्लास्टिक से बिजली के खंभों को ढका गया ताकि उसे करंट न लगे। खाने पीने के संसाधन उपलब्ध कराए हैं, इसके साथ ही सुरक्षा उपलब्ध कराई है और अतिरिक्त हमने कुछ नहीं किया है। हां, वहां भी हमने डीजे की ऊंचाई कम की है कि कहीं कोई बिजली के तारों से टकरा न जाए। कानून सबके लिए बराबर है।

आप दिल्ली गए मंत्रीमंडल के विस्तार के समय, इसके क्या मायने हैं?
डिप्टी सीएम ने कहा कि हम तो दिल्ली जाते ही रहते हैं, देश की राजधानी है और वहां तो जाते ही रहते हैं। मैं तो पहले दिल्ली में ही रहता था। हमारा काम क्या है वार्ताक्रम को बनाए रखना और ये भगवान ने कहा था, याद है आपको जब रावण का अंतिम समय आया तो भगवान राम ने लक्ष्मण से कहा था कि जाओ और रावण से कुछ आशीर्वाद लेकर के आओ। वो गए और रावण के सिर के पास खड़े हो गए वो कुछ बोला नहीं। इसके बाद राम लक्ष्मण से कहां कि फिर जाओ अब दूसरी तरफ खड़े होना। जब लक्ष्मण जी दोबारा गए और उसके चेहरे के बजाय उसके पैरों के तरफ खड़े हुए और उसके चेहरे को देखा। इसके बाद रावण ने कहा कि कैसी भी स्थिति आ जाए वार्ताक्रम बनाए रखना तो हमारी जिम्मेदारी है वार्ताक्रम बनाए रखना और उसी की तहत मैं काम कर रहा हूं।

संगठन और सरकार के बीच सेतू की भूमिका जैसे ब्रजेश पाठक निभा रहे है?
डिप्टी सीएम ने कहा कि हमारा मानना है कि हम एक छोटे से कार्यकर्ता हैं  और हम मिलजुलकर काम करना है। पूरा प्रदेश हमारा परिवार है। हम लोग है, हम फल के लिए बैठे हैं, हम जनता को बेहतर सुविधाए दे पाएं। जनता को मिनिमम इनपुट में मैक्सीमम आउटपुर दे पांए। प्रदेश की जनता के समझ मैं दावे के साथ कह सकता हूं, 17 से अब तक राज्य की सड़के पूरी तरह से बदल चुकी हैं। 75 जिलों को हमने फोरलेन से जोड़ा है। देश में जितने एक्सप्रेसवे है सर्वाधिक आज उत्तर प्रदेश में हैं। ह हमारा इंफ्रस्ट्रक्चर वर्ल्ड क्लास बनकर तैयार हुआ है। आप फल देखेंगे कि अंदर की गणित समझेंगे।

डिप्टी सीएम ने कहा कि हम एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं। सबकुछ मिलजुलकर करते हैं। पूरा प्रदेश हमारा परिवार है। हम सब कार्यकर्ता एक दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए हमें और क्या चाहिए, प्रधानमंत्री जी, गृहमंत्री जी और रक्षामंत्री जी हमेशा कहते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी के साथ आगे बढ़ा है। पानी-बिजली, सड़क, स्कूल कानून व्यवस्था। हम लोगों की प्रति व्यक्ति आय तीन गुनी कर चुके हैं। हमारा बजट तीन गुना हो चुका है। उत्तर प्रदेश का नैरेटिव बदल चुका है। पहले बीमारू राज्य था।

'प्रदेश के विकास को नंबर एक पर रखेंगे'

- फोटो : अमर उजाला
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश के विकास को नंबर एक पर रखेंगे, कानून व्यवस्था को नंबर एक पर रखेंगे। प्रदेश के लोगों का भरोसा जीतना हमारा दायित्व है। हमारी पार्टी का दायित्व है। उपमुख्यमंत्री पाठक ने कहा कि 12 से 2017 तक वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था। किसी भी जिले में कोई ठेका-पट्टी निकल रहा है तो दस-दस बंदूकें भरे जा रहे हैं। आत्मरक्षा के लिए एक लाइसेंस मिला है। एक गाड़ी में दस बंदूक क्यों? एक गाड़ी में दस गुंडे क्यों? प्लाट मकान दुकान पर कब्जा पड़ने पर गोली कट्टा क्यों? आज यूपी में कानून की सरकार है। कानून का उल्लंघन करने की हिमाकत कोई नहीं कर पा रहा है।

'एक हफ्ता बिजली दिन में आती थी, एक हफ्ता रात में आती थी'
पाठक ने कहा कि सड़क के बारे में तो आप जानते ही हैं। बिजली, जहां हम बैठे हैं, एक हफ्ता दिन में आती थी, एक हफ्ता रात में आती थी। पूछी थी अखिलेश भैया से। कि ऐसा क्यों था? समाजवादी पार्टी की सरकार में 15 हजार मेगावाट बिजली खर्च होती थी तो पेपर में निकलता था कि आज यूपी में पीक ऑवर में 15 हजार मेगावाट बिजली खर्च करके कीर्तमान बनाया है। आज हम 31 हजार मेगावाट बिजली खर्च करते हैं और हमारे पास बिजली की कोई कमी नहीं है।

नेपोटिज्म के सवाल पर खुलकर बोले वरुण धवन

अमर उजाला संवाद के मंच पर वरुण धवन व मृणाल ठाकुर। - फोटो : amar ujala
अमर उजाला संवाद के मंच पर अभिनेता वरुण धवन से पूछा गया, जो फिल्मी घरानों से आते हैं, उन पर नेपोटिज्म का टैग लगता है। जो बाहर से आते हैं, उनके संघर्ष की बहुत कहानी होती है। आपके लिए अपना रास्ता बनाना कैसा रहा?

इस पर वरुण धवन ने कहा कि हमें जीवन परमात्मा की वजह से मिलता है। जीवन परमात्मा की देन है। मेरे हिसाब से हर इंसान को अपना टेस्ट देना पड़ता है। वो किसी भी तरीके से। मेरा टेस्ट यही था कि दर्शकों को जीतना था। मैंने काफी फिल्में पिता जी के निर्देशन के बिना बाहर भी की हैं। पिछली फिल्म बॉर्डर 2 काफी चली थी। बहुत प्यार मिला उसे। हर शुक्रवार एक नया टेस्ट होता है। अब जब भी कोई आरोप लगता है तो मुझे लगता है कि वह एक आवाज है। अभी मेरा काम करेगा सब। पहली शिक्षा माता-पिता को एक अच्छा इंसान बनाने की देनी चाहिए। आज जो समय चल रहा है वह युद्ध का है। उसके हिसाब से मुझे लगता है कि मानव जाति तभी आगे बढ़ेगी, जब हम इंसान अच्छे बनें।

आपके सपने कभी छोटे नहीं होतेः मृणाल ठाकुर
अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने कहा कि मैं लखनऊ में हूं। यहां मेरा मुस्कुराना नहीं रुक रहा। मैं जब तक लखनऊ न आऊं, कोई फिल्म पूरी नहीं होती। मैं सभी दर्शकों का शुक्रिया अदा करूंगी। मुझे दर्शकों ने जो प्यार दिया है, वही मेरे लिए एक आग का काम करता है। मैं सभी से यही कहना चाहूंगी कि आपके सपने कभी छोटे नहीं होते। आपका सपना एक दिन वरुण धवन के साथ काम करने का जरूर पूरा होगा, जैसे मेरा पूरा हुआ। मैं अपनी यात्रा में सपोर्ट करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया कहूंगी। मैं बहुत जल्दी बुरा मान जाती थी। उसके बावजूद सबका साथ मिला।

पत्रकार बनना चाहते थे वरुण
जब मैं छोटा था तो लगता था कि मेरा एक टीवी चैनल होना चाहिए। मैं पत्रकार बनूं, मेरा टीवी शो होना चाहिए। मैं छोटा था तो लगता था कि अखबार के पहले पेज पर आऊं। तो मेरा भाई मजाक बनाता था कि तू चोरी करेगा तो तेरा नाम जरूर आएगा।

शैतानी और जवानी कभी छूटनी नहीं चाहिए
शैतानी और जवानी कभी छूटनी नहीं चाहिए। एक शैतानी याद है कि मेरी एक मामी आई थीं और उन्हें मेरे रूम में जगह दी गई। मुझे हॉल में सोना पड़ा तो मैं खुश नहीं था। मैंने मिक्सी में सारे मसाले सब डाल दिया था। और उनके लिए वेलकम ड्रिंक बनाई। उन्हें यह पिला दिया था।

है जवानी... फिल्म का अनुभव कैसा रहा? कैसे मिली?
मृणाल ठाकुर ने बताया कि सबसे पहले मुझे फोन आया कि डेविड सर आपसे बात करना चाहते हैं। इस वरुण ने उन्हें टोकते हुए कहा कि नहीं, आप भूल गए। मैं बताता हूं। मैं एक अवॉर्ड में परफॉर्म करने वाला था। मैं सोच रहा था कि किसके साथ करूं। मैं तब मृणाल को नहीं जानता था। हमने इनसे पूछा और ये आईं और दो मिनट रिहर्सल करके चली गईं। मैंने सोचा दो मिनट में ये क्या करेगी। बाद में जब लाइव किया तो वो मुझे और मृणाल को देख रहे थे और उसी दिन मृणाल की कास्टिंग हो गई थी।

संवाद के मंच पर टेक लीडर्स और गीतकार

अमर उजाला संवाद। - फोटो : amar ujala
संवाद के मंच पर टेक लीडर एस-45 के सहसंस्थापक अमन सिंह, इंटेलेमो के संस्थापक सीईओ सौरभ गुप्ता और गीतकार आलोक श्रीवास्तव पहुंच गए हैं। इनसे भविष्य की दुनिया: एआई और इंसान विषय पर चर्चा की जाएगी। 

आप जो लिखते हैं, क्या किसी एआई टूल का प्रॉम्प्ट वो लिख सकता है? 
जवाब-
 गीतकार आलोक श्रीवास्तव ने कहा, नहीं वह बिल्कुल नहीं लिख सकता। इसलिए नहीं लिख सकता, क्योंकि एआई को इश्क नहीं होता। दूसरा एआई का दिल नहीं टूटता है। एआई ने न प्यार और न जिंदगी में संघर्ष किया होता है। मैं हमेशा कहता हूं एआई आपको वो दे सकता है, जो आप उसे दे चुके होते हैं, लेकिन एक राइटर वह भी दे सकता है, जो आपने कभी सोचा न होगा और न लिखा होगा। 

एआई नॉलेज वर्ल्ड से सूचना इकट्टा करके आपको दे देगा: अलोक श्रीवास्तव
 गीतकार आलोक श्रीवास्तव ने कहा, एआई के अंदर सबसे बड़ी खूबी यह है कि नॉलेज वर्ल्ड से वो सूचनाएं इकट्टा करके आपको दे देगा। 

क्या एआई से डरने की जरूरत है?
जवाब
- एस-45 के सहसंस्थापक अमन सिंह ने बताया कि अभी यूपी के लखनऊ में बैठा हुआ हूं। आम आदमी तक सूचना की पहुंच इतनी आसान पहले नहीं थी। आज सैन फ्रांसिस्को में बैठे इंसान के पास जो जानकारी है, वही जानकारी लखनऊ में बैठे इंसान को भी है। एआई आपकी नौकरी लेगा नहीं, एआई से डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन बदलाव के साथ आप खुद को नहीं बदल रहे हो और चीजों को अडॉप्ट नहीं कर रहे तो वहां आप पीछे हो जाते हो।

एआई हर काम कर पा रहा है, फिर जॉब क्यों नहीं लेगा?
जवाब-
इंटेलेमो के संस्थापक सीईओ सौरभ गुप्ता ने कहा, एआई एक टूल है, एक माध्यम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मेरे पापा बैंकर हैं, पहले के जमाने में एटीएम मशीनें आईं। उस समय सारी कैशियर डरे हुए थे, उनको लगता था कि उनकी नौकरी चली जाएंगी। देखिए क्या बैंक बंद हो गए या वहां करने वाले हटा दिए गए। इससे लोगों के लिए सुविधा बढ़ी कि लोग आराम से हर समय पैसे निकाल पाए। इसके बाद यूपीआई आया, इससे सुविधा मिली कि सब्जी वाले को भी यूपीआई के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर पाएं। इसी तरह एआई भी एक टूल है, जो हमें सूचना तक पहुंचने का एक्सेस उपलब्ध कराता है।

एआई खतरा नहीं बल्कि एक अवसर है: सौरभ गुप्ता
इंटेलेमो के संस्थापक सौरभ गुप्ता ने आगे कहा, एआई तो आएगा। हमारे यूथ को आगे बढ़ना है और उस डर से बाहर निकला है कि एआई खतरा नहीं बल्कि एक अवसर है। जिससे कि विकसित देशों के बराबर पहुंच सकते हैं। 
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संवाद के मंच पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स

अमर उजाला संवाद के मंच पर सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स। - फोटो : amar ujala
संवाद के मंच पर कंटेंट क्रिएटर अगु स्टेनली, आयुष्मान पंडिता, यश और ज्ञान पहुंचे। इनसे 'कंटेंट-क्रिएटिविटी और क्रेज' पर चर्चा की गई।

अगु आप सात साल से भारत में हैं। आपने जिस तरह कंटेंट की दुनिया में जगह बनाई है। अपनी यात्रा के बारे में बताइए?
अगु स्टेनली:
मैं यहां पढ़ाई करने सात साल पहले आया। मैंने लखनऊ से बी.फार्मा किया। तीन साल से कंटेंट बना रहा हूं। अब मुंबई शिफ्ट हो गया हूं। वहां अनुराग कश्यप का कॉल आ गया, बंदर फिल्म करने के लिए। उसमें बॉबी देओल लीड रोल में हैं। मजा आ रहा है बहुत इस यात्रा में।

इस तरह के कंटेंट हुए जिसमें सूचना देनी थीं, एंटरटेनमेंट नहीं। तो इसमें कितनी दिक्कतें आती हैं पॉपुलैरिटी में?
आयुष्मान:
कई लोग नहीं समझ पाते कि एआई के प्रोसेस ने चीजों को बहुत आसान बना दिया है। मेरा एआई अवतार बना हुआ है। टीम रेडी है। चैट जीपीटी से स्क्रिप्ट भी लिखी जा सकती है। मैं यहां स्टेज पर बैठा हूं। बैकस्टेज एआई के जरिए मैं कंटेंट बना चुका होऊंगा। बस आपको पता होना चाहिए।

फ्लाइंग बॉजय; कंटेंट आजकल सबके फोन में हैं। ताऊ और चाचा साथ हैं तो यह प्लान कैसे हुआ?
फ्लाइंग बॉयज:
देखिए रिलेटेबल कंटेंट आजकल हर कोई बनाने की कोशिश कर रहा है। हम भी सोच रहे थे कि क्या अलग करें। मैंने एक बार घर में देखा कि मेरे पापा और ताऊ जब बात कर रहे थे तो काफी ऑकवर्ड होकर बात कर रहे थे। हमने बात की, कि इस रिलेशन पर कोई बात नहीं कर रहा। ऐसे ही चाचा-ताऊ की यात्रा शुरू हुई। पहले की पीढ़ी बात करने में काफी असहज होकर बात करते थे, चाचा-ताऊ बात करने में। ऐसे ही ससुर-दमाद और सास-दमाद भी। फिर, हम इस बात पर पहुंचे कि दमाद की ट्रेनिंग निकाली जाए।

आप अब गाली वाले कंटेंट नहीं बनाते..यह बदलाव कैसै शुरू हुआ?
अगु स्टेनली:
गाली अच्छी चीज नहीं है। मैं यूपी में रहा सात साल तो जान गया। कुछ ऑब्जर्वेशन से हुआ और कुछ दोस्तों ने भी सिखाया। अब ये कंटेंट नहीं बनाता।

एआई से डरने वालों के लिए कोई मैसेज?
आयुष्मान पंडिता:
आपका एक वीडियो बनाने के लिए भी दो-तीन एआई टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। प्रोसेस में इंसान इनवॉल्व है। एआई आपके प्रोसेस को आसान बना देगा और काम जल्दी होगा। एआई को लेकर लोग डर जाते हैं। मैं हर एक को कहता हूं कि अभी हम जो एआई का बूम देख रहे हैं, वह कुछ इंटरनेट के बूम जैसा  है, जब लगा था कि बहुत सारी जॉब चली जाएंगी। नौकरी गईं भी लेकिन, बहुत सारी नई जॉब आई भीं। यह अनिश्चितता का दौर है, जो हर किसी के लिए कंसर्निंग होता है। मगर, दो-तीन साल में सब दिखाई देने लगेगा।

आपने कंटेंट स्विच कर लिया है। मुंबई रहने लगे हो तो कंटेंट भी बदला है। अब आगे क्या प्लानिंग करेंगे?
अगु स्टेनली:
अगर आप ऑथेंटिंक नहीं हो तो दर्शकों से जुड़ नहीं पाओगे। मेरी कोशिश होती है ऑथेंटिंक कंटेंट बनाने की और लोगों से जुड़ने की। मैंने एआई की मदद कभी नहीं ली। मैं आइडिया के लिए मदद लेता हूं।

अगर बॉलीवुड से ऑफर आए किसी हीरोइन के साथ काम करने की तो कौन होगी वो?
अगु स्टेनली:
जो मिल जाए, उसी के साथ काम कर लूंगा। लेकिन मेरी फेवरेट आलिया भट्ट और प्रियंका चोपड़ा हैं।

लाइट-कैमरा-एक्शन की दुनिया कितनी अलग है?
अगु स्टेनली:
हर कंटेंट क्रिएटर एक आर्टिस्ट है। शुरुआत में मुझे बहुत नर्वस फील होता था। कैमरा के पीछे सौ-दो सौ लोग होते थे। मैं कैमरा के साथ अकेला वीडियो बनाता था। मगर, धीरे-धीरे आदत हो गई।
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