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Amar Ujala Samwad: बेटियों की सुरक्षा से लेकर सड़कों पर नमाज तक, हर मुद्दे पर बोले योगी, पढ़ें आठ बड़ी बातें

Mon, 18 May 2026 12:06 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमर उजाला को उसकी 78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने मीडिया की विश्वसनीयता और संवेदनशील रिपोर्टिंग के महत्व पर जोर दिया। सीएम ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने लोकतंत्र के आधार को मजबूत किया है। आज के तकनीकी युग में फर्जी खबरें एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। सनसनीखेज खबरें कई बार कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन जाती हैं। ऐसी खबरें अक्सर गलत साबित होती हैं।
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अमर उजाला संवाद - सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Amar Ujala Samwad Lucknow 2026:  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' चल रहा है। कार्यक्रम में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पहुंचे। जहां मंच पर सीएम योगी का स्वागत किया गया। संवाद में सीएम योगी ने अमर उजाला समूह और कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया। सबसे पहले अमर उजाला परिवार को स्वर्णिम शताब्दी 78 वर्ष के शानदार सफर के लिए बधाई दी।

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सीएम योगी ने अमर उजाला संवाद में कहा कि इस कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का धन्यवाद किया। सबसे पहले अमर उजाला परिवार को 78 वर्ष के शानदार सफर के लिए बधाई देता हूं। आपकी ये यात्रा हिंदी पत्रकारिता के लिए कुछ मानक भी गढ़ी है और ढेर सारे मुद्दों की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करती है। आगे कहा कि जब हम हिंदी पत्रकारिता की बात करते हैं तो भारतेंदु ने हिंदी पत्रकारिता को एक नई ऊंचाई दी थी। भारत की आजादी के आंदोलन में लोकमान्य बाल गंगाधर हर भारतीय की जुबान पर थे। उनकी लेखनी ने भारत की आजादी को एक नई दिशा दी थी।  

अमर उजाला संवाद - सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
'यूपी में अराजकता की छूट किसी को नहीं'
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक भी सनसनी भरी खबर कहां आग लगा दे, क्या कुछ कर दे, उसका भरोसा नहीं। हम इस बात के लिए कतई तैयार नहीं हैं कि यूपी में फिर से कर्फ्यू लगे, दंगों की शुरुआत हो और किसी प्रकार की अराजकता की छूट किसी को मिले। ऐसे में संवेदनशील रिपोर्ट ही मीडिया को विश्वसनीय बनाती है। अमर उजाला को उसकी 78 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए बधाई देता हूं कि उसने विश्वसनीयता पर खरा उतरने का प्रयास किया है।

'ट्रेड यूनियन के नेता चंदा वसूली करते'
सीएम योगी ने आगे कहा कि आप देखते होंगे, ये ट्रेड यूनियन के नेता कोई काम नहीं करते। एक झोला कंधे पर लटकाकर घूम-घूम हर एक व्यक्ति से चंदा वसूली करके अपने घर को तो भरते हैं, लेकिन उस श्रमिक, कामगार को, उस सिस्टम से जुड़े लाखों लोगों को एक समय पर भूखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर देते हैं। 

'ट्रेन यूनियन ने उद्योगों को बर्बाद किया'
सीएम योगी ने कहा कि कानपुर आपके सामने उदाहरण है, कभी कानपुर देश के अंदर एक समृद्ध शहरों में से एक था। हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बना था। वहां सारे उद्योग बंद हो गए थे। वहां पर जो लोग पहले सिर तानकर जाते थे, अपने घर से अपना टिफिन लेकर जाते थे। उद्योग में काम करते थे और फिर उसी गौरव और गरिमा के साथ वापस आते थे। उद्योग बंद हो गए। जो व्यक्ति गौरव के साथ जाता था, आज वहां पर ठेला लगाने के लिए मजबूर है। क्योंकि ट्रेन यूनियन की प्रवृत्ति ने वहां के उद्योगों को नष्ट कर डाला। पूरी तरह बर्बाद कर डाला। उद्योपति तो दूसरी जगह चला गया। दूसरी जगह उद्योग लगा दिया, लेकिन वहां काम करने वाला श्रमिक ट्रेड यूनिन का शिकार बन गया। ट्रेड यूनिन का शिकार बना श्रमिक भूखमरी के कगार पर पहुंच गया है। 

'नकारात्मक रिपोर्टिंग हमेशा दुर्गति का शिकार'
सीएम योगी ने कहा कि गलत रिपोर्टिंग हमेशा सिस्टम को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। नकारात्मक रिपोर्टिंग हमेशा दुर्गति का शिकार बनाती है। गति को दुर्गति की ओर लेकर जाता है। सकारात्मक रिपोर्टिंग उसी प्रकार से उस पूरे सिस्टम को प्रकृति और समृद्धि के नए सोपान की ओर लेकर जाता है। जिस सकारात्मक भाव के साथ आज से नौ साल पहले हमने प्रदेश के अंदर कार्य करना शुरू किया। आज उत्तर प्रदेश की प्रगति आप सबके सामने, देश के सामने, दुनिया के सामने देखने को मिल रही है।

'एक समय था यूपी में हर दूसरे दिन दंगे होते थे'
सीएम योगी ने कहा कि आज से वर्ष पहले जब हमने शासन की बागडोर संभाली। उस समय हमारे सामने चुनौतियां थीं। मैं यूपी की समस्या को जानता था। मैं जानता था यूपी में हर दूसरे दिन दंगे होते थे। मैं जानता था यहां पर हर जिले में सत्ता का समांतर एक माफिया सत्ता संचालित होती है, उसी के इशारे पर वहां का पूरा सिस्टम कार्य करता है।

'गुंडा टैक्स देने के लिए स्थानीय व्यक्ति मजबूर था'
सीएम योगी ने कहा मैं जानता था कि यहां पर हर व्यक्ति, चाहे वो शिक्षक हो, डॉक्टर हो, व्यापारी हो या समाज से जुड़ा कोई भी सज्जन प्रवृत्ति का व्यक्ति स्थानीय गुंडों को गुंडा टैक्स देने के लिए मजबूर था। मैं ये भी जानता था कि इस प्रदेश में बेटी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि पश्चिमी यूपी में तो हर उस परिवार ने जिसके परिवार में कोई बेटी होती थी, वह दस बार सोचता था। प्रदेश के बाहर या तो छात्रावास में या फिर किसी रिश्तेदारी में पढ़ाने के लिए भेजता था।

'यूपी में पहले इंफ्रास्ट्रचर नहीं था'
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में पहले इंफ्रास्ट्रचर नहीं था, देश के अंदर कहीं से भी आएंगे तो उत्तर प्रदेश की सीमा का अंदाजा लग जाता था जहां सड़कों पर गड्ढे दिखाई दें और चलना थोड़ा कठिन हो जाए, सांय काल है तो अंधेरा प्रारंभ हो जाए तो मानकर चलिए उत्तर प्रदेश के बोर्डर पर आप आ गए। प्रदेश का खजाना खाली, कोई बैंकर्स हमें पैसा देने के लिए तैयार नहीं। कर्ज लेने की भी एक सीमा होती है। रिजर्व बैंक ने एक सीमा तैयार कर रखी है। 


 

'अब यूपी में सड़कों पर नमाज नहीं होती'
लोग आज पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? हम कहते हैं कि कतई नहीं होती। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा? क्या अधिकार है उसे सड़क रोकने और आवागमन बाधित करने का? लोगों ने कहा- कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- शिफ्ट में कर लो। घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या नियंत्रित कर लो। आपको सिस्टम के साथ रहना है, तो नियम-कानून को मानना शुरू करें। नमाज पढ़ना जरूरी है, तो शिफ्ट में पढ़ें। हम रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं...।

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यूपी परिवर्तन की एक प्रेरणादायक कहानी बनता जा रहा: तन्मय माहेश्वरी
इस मौके पर अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी सीमाओं से नहीं उसकी सोच और संकल्प से तय होता है। जब किसी राज्य की सोच बदलती है तो केवल उसका वर्तमान ही नहीं बनता, उसका भविष्य भी बनता है। आज सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश उसी परिवर्तन की एक प्रेरणादायक कहानी बनता जा रहा है। इसी बात पर मुझे एक पुरानी कहानी याद आती है सॉक्रेटीस की कहानी। सॉक्रेटीस के पास एक युवा गया और उसने कहा कि सफलता का रहस्य क्या है? तभी सॉक्रेटीस ने उस युवक का सिर पानी में डाल दिया, अगले 60 सेकेंड के लिए युवक सांस नहीं ले पा रहा था। फिर धीरे से उसका सिर बाहर निकाला और सॉक्रेटीस ने पूछा कैसा लगा? तब युवक ने कहा कि मैं तो आपके पास ज्ञान लेने आया था, आपने तो मेरे प्राण ले लिये थे। सॉक्रेटीस ने फिर पूछा कि बताओ कैसा लग रहा था? तब युवक ने कहा कि मुझे तो सिर्फ हवा चाहिए थी। सॉक्रेटीस मुस्कुराए और कहा कि जिस दिन सफलता की इच्छा इतनी हो जाएगी, जितनी तुम्हारी सांस लेने की इच्छा हो रही थी तो तुमको सफल होने से कोई रोक ही नहीं सकता। 

उन्होंने आगे कहा, मुझे आज उत्तर प्रदेश में वही तीव्र इच्छा दिखाई देती है, कुछ बड़ा करने की इच्छा। देश को नई दिशा देने की इच्छा। भारत के सामने एक नया प्रदेश, एक नई तस्वीर बनाने की इच्छा। उत्तर प्रदेश सदियों से भारत की संस्कृति, आध्यात्म, कृषि और प्रतिभा का केंद्र रहा है। आज यह राज्य पारंपरिक पहचान के साथ नई ऊर्जा, नया आत्मविश्वास और नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। आज जब देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश की बातचीत होती है तो सीना चौड़ा हो जाता है। गोदरेज एग्रोवेट के चेयरपर्सन बुर्जिस गोदरेज ने हमसे कहा कि यूपी के बारे में अब सब लोग अच्छी बातें करते हैं। 

आज उत्तर प्रदेश लगभग 25 करोड़ की आबादी के साथ केवल एक राज्य नहीं है। अपने मायनों में यह कई देशों से बड़ा है। इसकी आर्थिक व्यवस्था, सामाजिक इकोसिस्टम कई दिशों को भी चेलेंज कर सकती है। मुख्यमंत्री का 2030 तक एक ट्रिलियन इकॉनोमी का लक्ष्य पाना हम सबके लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। जब उत्तर प्रदेश आगे बढ़ता है तो विकास की गति भी बहुत तेज हो जाती है। मगर जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, हमारे सामने अवसरों के साथ चुनौतियां भी कई हैं। एक और हम एक वैश्विक परिवर्तन की ओर लगातार देख रहे हैं। एक तरफ ग्लोबल स्टेबिलिटी और दूसरी तरफ टेक्नोलॉजी चेंज आने वाला कल बीते हुए कल से बहुत ही अलग होने वाला है। 

एआई, डिफेंस, ग्रीन एनर्जी, स्पेस साइंस, मॉडर्न फार्मिंग टेक्निक्स, डेटा सेंटर्स ये केवल बातें नहीं, अब ये सब रियलिटी बन चुके हैं। यही सब हमारे लिए एक अवसर भी होंगे और एक चुनौती भी। हमारी आबादी हमारे लिए वरदान भी बन सकती है और हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती भी। राष्ट्र का निर्माण केवल और केवल सरकारों से नहीं होता। राष्ट्र का निर्माण तब होता है, जब युवा सपने देखने लगे, उद्योग निवेश करने लगे और शिक्षा प्रेरित करने लगे तो सारा समाज पॉजिटिव हो जाता है। इसमें मीडिया की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम आपको सिर्फ सूचना ही नहीं देते, हम सबका काम है आप सबका आत्मविश्वास बढ़ाना। अमर उजाला हर एक साथी लगातार यही प्रण करता है कि समाज को वे सूचना भी दे और मोटिवेट भी करें। महान राष्ट्र एक दिन में तो नहीं बनते, लेकिन हर दिन किए गए छोटे-छोटे कार्यों से वह महान बन जाते हैं। आइए हम सब मिलकर एक सपना देखते हैं, सपना उत्तर प्रदेश को उत्तम बनाने का, सपना उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन इकॉनोमी करने का और सपना खुश रहने का।

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