अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समायोजन समिति को स्कूलों में मौजूद विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या बताएं। गलत सूचना देने पर संबंधित बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह रहेगी समायोजन की प्रक्रिया
- प्रत्येक स्कूल में जुलाई से पहले स्वीकृत छात्र शिक्षक-अनुपात के आधार पर ही अध्यापक संख्या का पुनरीक्षण किया जाएगा।
- जिला मजिस्ट्रेट जिले के प्रत्येक विद्यालय की स्वीकृत अध्यापक संख्या की अधिसूचना जारी करेंगे।
- जिलाधिकारी की अधिसूचना में विद्यालय का नाम, यू डायस कोड सहित दिया जाएगा। 2018-19 की अधिकतम नामांकन संख्या प्रकाशित की जाएगी। आरटीई के तहत स्कूल में शिक्षकों आवश्यकता और कार्यरत शिक्षकों की संख्या प्रदर्शित की जाएगी। अध्यापकों की कमी या सरप्लस शिक्षकों की संख्या भी प्रदर्शित की जाएगी।
- प्रत्येक विद्यालय में अध्यापक-छात्र अनुपात के आधार पर पदों का निर्धारण होने के बाद ही सरप्लस अध्यापकों का समायोजन किया जाएगा।
- जिन स्कूलों में अध्यापक-छात्र अनुपात से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां से सरप्लस शिक्षकों को हटाकर जिन स्कूलों में शिक्षक कम है वहां तैनात किया जाएगा।
- जिले के एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में परस्पर समायोजन के आवेदन पर समिति विचार करेगी।
- जिन स्कूलों से सरप्लस शिक्षकों को हटाया जाएगा, वहां बाद में किसी अन्य शिक्षक को समायोजित नहीं किया जाएगा।
- समायोजन में दिव्यांग और सेना में कार्यरत जवान की पत्नी या पति को समायोजन में वरीयता की दी जाएगी।
- स्कूल चलो अभियान से स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर नवीन समायोजन का अधिकार भी जिलाधिकारी की समिति को दिया गया है।