फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिफेंस एक्सपो: 59 लाख की हरियाली उजाड़ने की तैयारी, सपा ने कहा, 'विनाश' रोके सरकार

Fri, 29 Nov 2019 07:28 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

निशातगंज से हनुमान सेतु तक गोमती तट को सुंदर बनाने के लिए रिवर फ्रंट योजना के तहत की गई बागवानी उजड़ने वाली है। शहर में फरवरी में होने वाले डिफेंस एक्सपो में गोमती तट पर भी एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसके लिए 10.81 एकड़ में फैली हरियाली पर आरी चलाने की तैयारी है।

विज्ञापन


समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध करते हुए ट्वीट किया कि यूपी में 22 करोड़ पेड़ लगाने के सरकारी दावों के बीच एक भी पेड़ उगा नहीं और अब गोमती नदी के किनारे लगे 64 हजार पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक लखनऊ की हालत वृक्षों को नष्ट करने से और बिगड़ेगी। सपा विरोध करते हुए इस 'विनाश' को रोकने की मांग करती है।
 

बता दें कि गोमती तट पर कई तरह के पौधे लगाकर इसे सुंदर बनाने में करीब 59 लाख रुपये खर्च हुए हैं। तट पर कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति देने से पहले एलडीए खर्च हुई रकम मांग रहा है। इसके लिए एलडीए सचिव ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा है।
विज्ञापन


एलडीए सचिव एमपी सिंह से नगर आयुक्त से खर्च हुई रकम की मांग उस पत्र के बाद की गई जिसमें नगर निगम ने आयोजन को लेकर एलडीए को तट पर लगे पौधे किसी और जगह विस्थपित करने के लिए लिखा था। पैसे की मांग के साथ ही एलडीए ने सिंचाई और वन विभाग से एनओसी लेने के लिए लिखा है।

कार्यक्रम की अनुमति देने से पहले एलडीए सचिव ने नगर आयुक्त को लिखे पत्र में कहा गया है कि रिवर फ्रंट योजना का काम सिंचाई विभाग का है और तटबंध उसी के स्वामित्व में है। तट पर लैंड स्कैपिंग, वृक्षारोपण और हरियाली विकसित करने और उसके रखरखाव के लिए 08 मई 2018 को सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने शासन के आदेश पर एलडीए को दिया है। इसके बाद एलडीए ने पूरे क्षेत्र में हरियाली विकसित की है। इस पर 59,06,827 रुपये खर्च किए गए हैं।

विज्ञापन

उखाड़ने पर नष्ट हो जाएंगे पौधे, लगाने पर दोबारा होगा खर्च

एलडीए सचिव का कहना है कि सर्दी का मौसम होने के कारण पौधों को विस्थापित किए जाने से पौधे, हरियाली और लैंडस्केपिंग आदि सभी नष्ट हो जाएंगे। ऐसे में तट को हरा भरा बनाने पर फिर से पैसा खर्च करना पड़ेगा। एलडीए की ओर से खर्च को लेकर जो बजट मांगा गया है वह सिर्फ निशातगंज से हनुमान सेतु तक का है।

पैसे के साथ दो विभागों की अनापत्ति भी मांगी
डिफेंस एक्सपो को लेकर गोमती तट पर होने वाले आयोजन को लेकर एलडीए सचिव ने बागवानी और खर्च हुए बजट के साथ ही वन और सिंचाई विभाग की अनापत्ति भी नगर आयुक्त से मांगी है। दोनों विभागों की अनापत्ति के बाद ही एलडीए आगे की कार्रवाई करेगा। एलडीए सचिव ने लिखा है कि एलडीए सिर्फ कार्यदायी संस्था है। स्वामित्व सिंचाई विभाग का है। हरियाली पर खर्च हुआ बजट भी सिंचाई विभाग ने एलडीए को दिया था।

तट पर यह है बागवानी की स्थिति
ये है फैक्ट फाइल
- 4328 पौधे लगे
- 32441 सजावटी झाड़ियां
- 27034 हेज प्लांट
- 10.81 एकड़ में हरियाली वाली सुंदर घास
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें