एलडीए सचिव का कहना है कि सर्दी का मौसम होने के कारण पौधों को विस्थापित किए जाने से पौधे, हरियाली और लैंडस्केपिंग आदि सभी नष्ट हो जाएंगे। ऐसे में तट को हरा भरा बनाने पर फिर से पैसा खर्च करना पड़ेगा। एलडीए की ओर से खर्च को लेकर जो बजट मांगा गया है वह सिर्फ निशातगंज से हनुमान सेतु तक का है।
पैसे के साथ दो विभागों की अनापत्ति भी मांगी
डिफेंस एक्सपो को लेकर गोमती तट पर होने वाले आयोजन को लेकर एलडीए सचिव ने बागवानी और खर्च हुए बजट के साथ ही वन और सिंचाई विभाग की अनापत्ति भी नगर आयुक्त से मांगी है। दोनों विभागों की अनापत्ति के बाद ही एलडीए आगे की कार्रवाई करेगा। एलडीए सचिव ने लिखा है कि एलडीए सिर्फ कार्यदायी संस्था है। स्वामित्व सिंचाई विभाग का है। हरियाली पर खर्च हुआ बजट भी सिंचाई विभाग ने एलडीए को दिया था।
तट पर यह है बागवानी की स्थिति
ये है फैक्ट फाइल
- 4328 पौधे लगे
- 32441 सजावटी झाड़ियां
- 27034 हेज प्लांट
- 10.81 एकड़ में हरियाली वाली सुंदर घास