बैठक में तय किया गया कि विधानसभा चुनाव में मिले वोटबैंक को बचाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरतते हुए इस ग्राफ को बढ़ाया जाएगा। तय किया गया कि विधानसभा 2022 के चुनाव में जो कमियां दिखीं उनसे सबक लिया जाएगा। आगे से मतदान के प्रति जागरूकता फैलाते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाने का प्रयास होगा। संगठन को मजबूती देने तथा बूथ स्तर पर चिह्नित करके वोट बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।
300 सीटों के पेश किए गए आंकड़े
बैठक के दौरान सर्वे एजेंसी ने 300 सीटों पर अपनी रिपोर्ट दी। इसमें बताया गया कि 65 विधानसभा क्षेत्रों के तमाम बूथ ऐसे हैं, जहां सपा को भाजपा से एक या दो वोट कम मिले हैं। यदि संबंधित बूथ पर नाम न कटे होते तो वहां सपा प्रत्याशी की जीत थी। एजेंसी ने मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में जागरूक करने में हुई देरी को भी हार की वजह बताया।