पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि गांवों में नेताओं की मौजूदगी होने से हर व्यक्ति तक पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा गांव में होने वाली चौपाल में किसानों की समस्या पर विशेष रूप से फोकस किया जाएगा। संबंधित गांव में लघु व सीमांत किसानों की संख्या, स्थानीय स्तर पर उनकी समस्या और किसानों की मांगों का पत्र भी तैयार किया जाएगा। फिर जिला स्तर पर इसका आकलन करके प्रदेश कार्यालय भेजा जाएगा।
ग्राम प्रधान और बीसीडी को भी जोड़ेंगे
पार्टी का मानना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख भले उसके नहीं है, लेकिन बीडीसी और ग्राम प्रधानों में पार्टी की पकड़ बेहतर है। ऐसे में गांवों में होने वाली चौपाल की तैयारी की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य को दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि चौपाल के दौरान ग्राम प्रधान और दूसरे व तीसरे नंबर पर रहने वाले उम्मीदवारों, ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी अपने खेमे में रखने की रणनीति अपनाई जाएगी। एक तरह से गांव के जनप्रतिनिधि को पूरी तरह से अपने साथ रखने की कवायद की जाएगी। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने सभी जिलाध्यक्षों को संदेश भेज दिया है।