समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल सोमवार को बीजेपी का दामन थाम लिया। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने इसकी घोषणा की। नरेश अग्रवाल राज्यसभा का टिकट न दिए जाने के चलते पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे।
बसपा से गठबंधन और जया बच्चन को टिकट दिए जाने को लेकर उनकी प्रेस कांफ्रेंस में जाहिर हो गई। जया बच्चन को टिकट दिए जाने पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि फिल्मों में डांस और रोल करने करने वाली से उनकी तुलना कर दी गई।
तना ही नहीं बसपा से गठबंधन पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के जरिए एक क्षेत्रीय पार्टी की हैसियत से भी खुद को हटा दिया है। जबकि 2012 में समाजवादी पार्टी पूरी तरह से सरकार में आई थी। वहीं नरेश अग्रवाल ने मुलायम सिंह और राम गोपाल यादव का साथ न छोड़ने की बात कही।
गौरतलब है कि सपा ने नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा को दरकिनार करते हुए जया बच्चन को फिर से राज्यसभा सदस्य का उम्मीदवार बनाया है। रामगोपाल यादव किसी पिछड़े नेता को सपा से राज्यसभा भेजना चाहते थे।
नरेश अग्रवाल भी इस सीट के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर समाजवादी पार्टी केवल एक कैंडिडेट को राज्यसभा भेज सकती है।