शिवपाल ने 9 दिसंबर को राजधानी के रमाबाई आंबेडकर मैदान में विशाल रैली की घोषणा की है। नया दल बनाने के बाद लखनऊ में उनका यह पहला शक्ति प्रदर्शन होगा। सपा की जिला इकाइयां आकलन कर रही हैं कि इस रैली में उनके यहां से कितने लोग जा सकते हैं।
शिवपाल ने जिन नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी सौंपी है, उनकी गतिविधियों पर भी सपा नेताओं की नजर है। इस बाबत मिलने वाली अहम जानकारी से प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल व राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराया जा रहा है।
संभावना है कि 9 दिसंबर की रैली से पहले सपा जिलों में सम्मेलनों, धरना, प्रदर्शन के जरिये अपनी ताकत दिखा सकती है।
कई सपा नेता शिवपाल व अखिलेश दोनों के संपर्क में हैं। वे राजनीतिक हालात का आकलन कर रहे हैं। सपा-बसपा-रालोद का गठबंधन होगा या नहीं, उनकी अगली रणनीति तय करने में यह अहम फैक्टर रहेगा।
कई नेताओं का आकलन है कि गठबंधन की स्थिति में शिवपाल ज्यादा नुकसान नहीं कर पाएंगे। तब सपा उन्हें वोट कटवा साबित करने की कोशिश करेगी।