विधानसभा के घोसी उपचुनाव में सपा ने मतदाताओं को साधने के लिए खास रणनीति बनाई है। इसके तहत आसपास के जिलों के सजातीय नेताओं को भी अपने-अपने वर्ग को साधने की जिम्मेदारी दी जा रही है। साथ ही भाजपा के असंतुष्टों पर भी सपा नेतृत्व की खास नजर है, ताकि मुकाम हासिल करने में उनकी भी मदद ली जा सके।
पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान के सपा छोड़ भाजपा में जाने से इस सीट पर उप चुनाव हो रहा है। भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान और सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह ही मुख्य लड़ाई में माने जा रहे हैं। सपा इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करके लोकसभा चुनाव से पहले अपनी मजबूती का संदेश देना चाहती है।
इसके लिए प्रदेश सपा मुख्यालय से उन सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को फोन करके पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से जुटने के लिए कहा जा रहा है, जो जनता के बीच सक्रिय हैं। आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, देवरिया और गोरखपुर जिलों के सपा नेताओं से कहा गया है कि वे घोसी क्षेत्र में जाएं और अपने सजातीय जनों से उनके घरों पर जाकर मिलें।
जहां संभव हो, वहां छोटी-छोटी मोहल्ला बैठकें करके लोगों के समझाएं कि दलितों और पिछड़ों के हित सपा में ही सुरक्षित हैं। इस लिहाज से सपा ने मुस्लिमों के अलावा राजभर, कश्यप, नोनिया चौहान और निषाद समाज के अपने नेताओं को मैदान में उतारा है।