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रामगोपाल ने मांगा आजम खान से इस्तीफा

Thu, 12 Sep 2013 01:11 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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आजम खां की तुनकमिजाजी और बात-बेबात नाराज होने की फितरत पर समाजवादी पार्टी में विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं।
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आगरा में चल रही सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दूसरे दिन भी आजम ने दर्शन नहीं दिए तो उनके खिलाफ आवाज और भी बुलंद हो गई है।

कुछ नेताओं ने दबी जुबान में तो कुछ ने खुलकर आजम का विरोध शुरू कर दिया है।

सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने भी इस आजम विरोधी बयार को हवा दे दही है। उन्होंने कहा है कि आजम खां अपनी जिम्मेदारियों का अहसास करें, बैठक में आएं या फिर इस्तीफा दे दें।

इसके पहले एक टीवी चैनल से बात करते हुए नरेश अग्रवाल ने भी कहा कि आजम के न आने से कोई फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि, उन्होंने भी इशारों में कह दिया था कि उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का अहसास होना चाहिए और कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं है।
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महत्वपूर्ण बैठकों में गैरहाजिर रहकर आजम ने पहले भी अनुशासन की धज्जियां उड़ाई हैं। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पहले दिन की बैठक में राजनीतिक आर्थिक प्रस्तावों की जानकारी देने के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में भी आजम की गैरहाजिरी पर रामगोपाल को मीडिया के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा था।

गौरतलब है कि वह मुजफ्फरनगर में हुए दंगों को लेकर पार्टी से नाराज चल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने मुलायम को इन दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि ये दंगे लगातार चेतावनी के बाद रोके जा सकते थे। इससे पार्टी को काफी नुकसान होने की भी आशंका है।
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बहन जया प्रदा ने बंधाया ढांढस
भले ही पार्टी के ज्यादातर नेता अब आजम खां के खिलाफ बोल रहे हों, लेकिन खुद को आजम खां की बहन मानने वाली सपा नेता जयाप्रदा ने रामपुर में बयान दिया है कि वह दुख की इस घड़ी में आजम खां के साथ हैं। जया प्रदा ने मुलायम सिंह यादव पर भी निशाना साधते हुए बोला है कि वह तो पार्टी से लोगों को निकालते रहते हैं।

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आजम खां नाराज नहीं हैं। कार्यसमिति में कई सदस्य बैठक में नहीं आ पाए हैं। उन्हें कोई जरूरी काम है लखनऊ में इसलिए नहीं आ सके।
-रामगोपाल यादव, राष्ट्रीय महासचिव

आजम खां की तबीयत ठीक नहीं है। वह बीमार हैं, इसलिए नहीं आए। उन्होंने नेताजी को इसकी सूचना दी है।
-नरेश अग्रवाल, राष्ट्रीय महासचिव

वह अहम शख्सियत नहीं हैं, जो नहीं आए। एक दो लोग नहीं आए तो कोई बात नहीं। हमारा वजूद नेताजी हैं, वह आ गए तो समझिए पार्टी का हर सदस्य आ गया।
-अबू आजमी, सपा नेता
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