लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय में सोमवार शाम हुई बैठक में भी टिकट पर फैसला नहीं हो सका। टिकटार्थियों की नामांकन फॉर्म लेकर घर जाने की हसरत अधूरी रह गई। बस इतना रहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपनी बात कह दी। अब फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष पर है। हालांकि, टिकट किसे मिलेगा, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है।
चौथे चरण में शामिल लखनऊ के नौ विधानसभा क्षेत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। तीन फरवरी अंतिम तिथि है। सपा ने मोहनलालगंज से अंब्रीश पुष्कर और महिलाबाद से पूर्व सांसद सुशीला सरोज के नाम की घोषणा की है, लेकिन मलिहाबाद से टिकट बदलने की चर्चा है। अन्य सीटों पर अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। ऐसे में सपा प्रदेश नेतृत्व ने सोमवार शाम चार बजे सभी उम्मीदवारों की बैठक बुलाई। उम्मीद थी कि इस बैठक के बाद नाम की घोषणा कर दी जाएगी। उम्मीदवारों को यह भी भरोसा था कि वे फॉर्म ए, बी लेकर लौटेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। निर्धारित समय से करीब दो घंटे देर से पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल में बैठे 148 उम्मीदवारों से संवाद किया। सूत्रों का कहना है कि हाल में पहुंचते ही मुस्कुराते हुए उन्होंने सवाल किया कि किस सीट से कौन लड़ेगा, यह आपस में तय कर लो। इस पर जवाब आया कि आप तय करो। इससे सपा अध्यक्ष के चेहरे पर संतोष का भाव दिखा। उन्होंने कहा कि जिसे मैदान में उतारेंगे उसे पूरी दमदारी से चुनाव लड़ाना। सभी ने हामी भर दी। हालांकि , इस बीच कुछ उम्मीदवारों ने पार्टी को दी गई सेवा का हवाला दिया तो किसी ने लंबे समय से क्षेत्र में डटे रहने की बाद दोहराते हुए खुद की दावेदारी पक्की की। करीब घंटेभर चले संवाद के दौरान अखिलेश यादव मुस्कुराते रहे और सबकी बात सुनते रहे। फिर दो टूक कहा कि जब आपस में नहीं तय किए हो तो जिसे हम टिकट देंगे उसे जीता देना। यह कहकर वह हाल से निकल गए। अब उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार तक लखनऊ की सभी विधानसभा सीटों से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी। बैठक मेें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी दावेदारी के पक्ष में तर्क दिया तो राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं को भी उनकी बात कहने का मौका दिया।
क्षेत्र में डटे रहने वालों को मिले टिकट
बैठक के दौरान जब सपा अध्यक्ष ने जीताने की बात कही तो अलग-अलग विधान सभा क्षेत्र से लोगों ने अपनी बात रखी। इसमें ज्यादातर दावेदारों ने यही कहा कि जो लोग हार के बाद क्षेत्र से गायब हो गए थे, उन्हें किसी भी कीमत पर टिकट नहीं दिया जाए। इसी तरह जिन लोगों ने आवेदन किया है, सिर्फ उन्हीं के बीच से टिकट दिया जाए। ऐसे में अखिलेश यादव ने कहा कि जीताऊ उम्मीदवार उतारना उनकी प्राथमिकता है।
तमाम लोगों ने नहीं ली एनओसी
प्रदेश कार्यालय पहुंची 148 लोगों की सूची में तमाम ऐसे नाम हैं, जिन्होंने अभी तक एनओसी नहीं ली है। जिन लोगों के आवेदन में कमियां हैं अथवा एनओसी नहीं ली है, उनके नाम के आगे लिख दिया गया है। सोमवार को सुरक्षाकर्मियों ने आवेदकों को इसी सूची के आधार पर हाल में बुलाया था।