पिछले कई वर्षों से उच्च ग्रेड पे में कैडर रिस्ट्रक्चरिंग की मांग कर रहे रेलवे कर्मचारियों को आखिरकार दीपावली का तोहफा मिल गया।
रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को अराजपत्रित संवर्ग (पे बैंड-2) वेतनमान के करीब 6.50 लाख कर्मचारियों के उच्च ग्रेड पे में कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के आदेश दिए हैं। यह आदेश एक नवम्बर 2013 से लागू होगा।
इस आदेश से ओपेन लाइन के अलावा कारखानों, उत्पादन इकाईयों, आरडीएसओ और तीन वर्ष से अधिक की अस्थायी पदों पर कार्यरत रेल कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा।
इस आदेश का लाभ संरक्षा कोटि व अन्य अनुभागों में कार्यरत उन कर्मचारियों को भी मिलेगा जिनको माडिफाइड सेलेक्शन प्रोसिजर के तहत चयन परीक्षा से गुजरना है।
पढ़ें-दंगों में हुआ था महिलाओं से दुराचार
ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) पिछले कई साल से रेलवे के सभी अनुभागों में अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए कैडर रिस्ट्रक्चरिंग की मांग कर रही थी।
पिछले दिनों एआईआरएफ के केंद्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र की हड़ताल की चेतावनी के बाद रेल मंत्रालय ने कैडर रिस्ट्रक्चरिंग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया।
मंगलवार को रेलवे बोर्ड ने इस सम्बंध में आदेश जारी भी कर दिए। शिव गोपाल मिश्र ने इसे सभी रेलकर्मियों की जीत बताते हुए उनका आभार जताया है।
स्टेशन मास्टर के ग्रेड पे 4600 में अब तक 28.5 प्रतिशत कर्मचारी रहते थे, कैडर रिस्ट्रक्चर के बाद इस ग्रेड पे में 40 प्रतिशत कर्मचारी होंगे।
4200 ग्रेड पे में अब तक केवल 27 प्रतिशत गुड्स गार्ड होते हैं, एक नवम्बर से इस ग्रेड पे मे 60 प्रतिशत गुड्स गार्ड होंगे।
इसी तरह इंजीनियरिंग विभाग के 4600 ग्रेड पे के सुपरवाइजर 50 से बढ़कर 67 प्रतिशत, 4600 ग्रेड पे ड्राइंग व डिजाइन स्टॉफ 45 से बढ़कर 60 प्रतिशत होंगे।
लखनऊ की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें